नई दिल्ली. एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने शुक्रवार के लिए दिल्ली सर्राफा बाजार के नए रेट्स के बारे में जानकारी दी है. पिछले दिन की तुलना में आज सोने की कीमतों (Gold Price) में मामूली बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, चांदी की कीमतों (Silver Price) में आज गिरावट दर्ज की गई है. इसके पहले दोनों कीमती धातुओं के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोना चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई है.
चांदी की नई कीमतें (Silver Price on 10 July 2020) – चांदी की बात करें तो पिछले दिन जोरदार बढ़ोतरी के बाद आज इसमें गिरावट दर्ज की गई है. शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी का भाव 352 रुपये प्रति किलोग्राम कम हुआ है. चांदी का आज नया भाव 52,364 रुपये प्रति किलोग्राम रहा. गुरुवार को यह 52,716 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का नया भाव 18.60 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर था.
सोने की नई कीमतें (Gold Price on 10 July 2020) – शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी के बाद अब 10 ग्राम सोने का नया भाव 49,959 रुपये हो गया है. इसके पहले दिन यानी गुरुवार को कारोबार बंद होने पर सोने का भाव 49,951 रुपये प्रति 10 ग्राम था. अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो यहां सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह 1,800 डॉलर प्रति आउंस पर ट्रेड करते नजर आया.
सोने के दाम में करेक्शन
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) तपन पटेल ने कहा, ‘हाल के दिनों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद आज गोल्ड की कीमतों में करेक्शन देखने को मिला. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पीली धातु के दाम में गिरावट देखने को मिल रही है.’
आर्थिक अनिश्चितता से गोल्ड को सपोर्ट मिला
इस मामले से जुड़े एक एक्सपर्ट का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वैश्विक ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है और कहा है कि मौजूदा माहामारी से दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं की हालत बेहद खराब व चिंताजनक होगी. आईएमएफ के अनुमान के मुताबिक, 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.9 फीसदी की गिरावट आएगी. यही कारण है कि सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है.
आर्थिक संकट को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े?
दरअसल, मौजूदा महामारी को लेकर साफ दृश्य नहीं दिखाई दे रहा कि आखिर यह कब खत्म होगा. दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव भी आ रहा है. ऐसे में इन दोनों वजहों से सोने को सपोर्ट मिलेगा. 2001 और 2008 के आंकड़ों से पता चलता है आर्थिक संकट के बाद गोल्ड ही सबसे पहला एसेट क्लास था, जिसमें बड़ी तेजी आई थी.
