कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैलाव को रोका जा सके इसके लिए आजकल हर चीज को सैनेटाइज (Sentize) किया जा रहा है. सैनेटाइजेशन के इस दौर में एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी यूनिवर्सिटी (APJ Abdul Kalam Technical University) के स्टूडेंट्स ने दावा किया है कि उन्होंने ऐसी मशीन बनाई है जो सिर्फ नोटों को गिनती ही नहीं है बल्कि उन्हें सैनेटाइज भी करती है. इस मशीन को बनाने वाले स्टूडेंट अनुज शर्मा और उनकी टीम का दावा है कि नोटों को सैनेटाइज करने वाली इस मशीन को बनाने में सिर्फ 14 से 15 हजार रुपये का खर्च आता है.
इस मशीन की फोटो में आप साफ देख सकते हैं कि मशीन में एक खास सैनेटाइजर लगा हुआ है. जो आराम से साफ-सफाई को ध्यान में रखकर पैसों को गिन सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच इस तरह की मशीन लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए मशीन को बनाने वाले स्टूडेंट अनुज शर्मा ने बताया कि यह मशीन एक मिनट में 200 नोट को गिनने की क्षमता रखती है.
जब से इस खास तरह की मशीन की फोटो सोशल मीडिया पर आई है, तब से यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग इस नोट सैनेटाइज करने वाली मशीन की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. सोशल मीडिया यूजर एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के अनुज शर्मा और उनकी टीम को बधाई देते हुए भी नजर आ रहे हैं.
