गाजियाबाद 22 जुलाई 2020। पत्रकार की गोली मारकर हुई हत्या ने एक बार फिर यूपी पुलिस की पोल खोल दी है। सोमवार को विक्रम जोशी नाम के पत्रकार के सर में कुछ बदमाशों ने गोली मार दी थी, पत्रकार की इलाज के दौरान मौत हो गयी। इधर परिजनों ने पत्रकार का शव लेने से इंकार कर लियाहै। परिजनों का कहना है कि जब तक हत्यारे पकड़े नहीं जाते, तब तक वो शव नहीं लेंगे।
इससे पहले बीच सड़क पर बेटियों के सामने पत्रकार के सर में गोली मार दी गयी थी, जिसके बाद उन्हें यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया गया, जहां पत्रकार विक्रम जोशी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। विक्रम जोशी पर हमला भांजी से छेड़छाड़ की शिकायत करने पर बदमाशों ने किया था.
इधर इस मामले में विक्रम जोशी के भांजे का कहना है कि कमालउद्दीन के बेटे सहित कुछ लड़के उसकी बहन को छेड़ा करते थे। जिसका विरोध उनके पत्रकार मामा ने किया था, इसकी वजह से जब सोमवार की रात मामा घर आ रहे थे, जब कमालउद्दीन के बेटे ने उन पर हमला किया और उन्हें गोली मार दी. मुख्य आरोपी के पकड़े जाने तक हम अपने मामा के पार्थिव शरीर को नहीं लेंगे।
