बारिश के आगाज के साथ ही सीजनल फलों में शामिल हो जाता है जामुन। मिठास के साथ हलका कसैलापन लिए जामुन का स्वाद अपने आप में अनूठा होता है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। आइए जानते हैं कि यह हमारी सेहत को कैसे फायदा पहुंचाता है।
न्यूट्रिशनल वैल्यू (प्रति 150 ग्राम में)
शुगर: 10 ग्राम, पोटैशियम: 233 मिलीग्राम, फास्फोरस: 32 मिलीग्राम, मैग्नीशियम: 29 मिलीग्राम, विटमिन सी: 10.3 मिलीग्राम, सोडियम : 1 मिलीग्राम
डायबिटीज में फायदेमंद
जामुन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है। इसलिए इसमें शुगर की मात्रा सीमित होती है और यह डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद साबित होता है। यहां तक कि इसकी गुठलियों में भी कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शुगर के बढते स्तर को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं। इसकी गुठलियों का पाउडर डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद साबित होता है।
इम्यूनिटी बनाता है स्ट्रॉन्ग
जामुन में एंटी ऑक्सीडेंट तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। बैक्टीरिया और वायरस की वजह से फैलने वाली खांसी, सर्दी-जुकाम और बुखार जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए जामुन का सेवन करना चाहिए।
मोटापा करता है कंट्रोल
यह शरीर की मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में मददगार होता है। यह शरीर में फैट को जमा होने से रोकता है। इसका सेवन ओबेसिटी और हृदय रोग जैसी समस्याओं से भी बचाव करता है।
बढ़ाता है हीमोग्लोबिन
इसमें आयरन और जिंक जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए यह रक्त में हीमोग्लोबिन का मात्रा बढाने में भी सहायक होता है।
कोलेस्ट्रॉल घटाने में मददगार
जामुन फाइबर से भरपूर होता है। अगर प्रतिदिन इसका सेवन किया जाए तो कब्ज और एसिडिटी की समस्या नहीं होती। इसके अलावा इसमें मौजूद विटमिन सी और फाइबर नुकसानदेह कोलेस्ट्रॉल एलडीएल को घटाने में भी सहायक होता है।
अल्जाइमर्स से बचाव
जामुन में सोडियम, पोटैशियम, कॉपर, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो ब्रेन सेल्स और नर्वस सिस्टम से जुडे न्यूरॉन्स को मजबूती देने का काम करते हैं। इसकासेवन स्मरण शक्ति को मजबूत बनाने के साथ अल्जाइमर्स जैसी समस्याओं से बचाव में भी मददगार होता है।
कैंसर से लड़ने में मददगार
जामुन में मौजूद विटमिन सी एंटी ऑक्सीडेंट तत्वों के साथ मिलकर आंतों और लिवर के कैंसर से लडऩे में मददगार होता है। इतना ही नहीं यह कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स को भी कम करता है।
