पारिजात एक ऐसा औषधीय पौधा है, जिसका इस्तेमाल पूजा-पाठ में किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के परागण में पारिजात का पौधा लगाया है। इस पौधे के बारे में कहा जाता है कि पारिजात पौधे को देवराज इंद्र ने स्वर्ग में लगाया था। पारिजात का दूसरा नान हरसिंगार है। पारिजात के फूल बेहद सुगन्धित, छोटे पखुड़ियों वाले और सफेद रंग के होते हैं। फूल के बीच में चमकीला नारंगी रंग होता है। ये पौधा झाड़ीदार होता है, इसके पत्तों के साथ इसके फूल में भी चिकित्सकीय गुण होते हैं। इसके फूल आँखों की समस्या में फायदेमंद होते हैं। पारिजात भूख को बढ़ाने और अन्य पाचन संबंधी विकारों को दूर करने में भी इस्तेमाल जाता है। पारिजात का फूल पश्चिम बंगाल का राजकीय पुष्प भी है। आइए जानते हैं कि पारिजात का पौधा औषधीय रूप से किस-किस रोग के लिए काम में लाया जा सकता है-
पारिजात के पत्तों से खांसी का इलाज
खांसी के लिए आयुर्वेदिक दवा के रूप में आप पारिजात के पेड़ के पत्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। 500 मिग्रा पारिजात की छाल का चूर्ण बनाएं। इसका सेवन करने से खांसी ठीक होती है।
नकसीर बहने का असरदार इलाज
कुछ लोगों को नकसीर बहती है, मतलब नाक से खून आने की परेशानी होती है, ऐसे लोग पारिजात का उपयोग कर सकते हैं। इस पौधे की जड़ को मुंह में रखकर चबाएं। इससे नाक, कान, कंठ आदि से निकलने वाला खून बंद हो जाता है।
पेट के कीड़ों से निजात दिलाते हैं इसके पत्ते
बच्चे हों या वयस्क, सभी को कई बार पेट में कीड़े की समस्या हो जाती है। पारिजात के पेड़ से ताजे पत्ते तोड़ लें। चीनी के साथ पारिजात के ताजे पत्ते का रस (5 मिली) सेवन करें। इससे पेट और आंतों में रहने वाले हानिकारक कीड़े खत्म हो जाते हैं।
बार-बार पेशाब आता है तो इस पौधे का इस्तेमाल करें।
कुछ लोगों को बार-बार पेशाब करने की समस्या होती है, यूरीन की इस समस्या से निजात दिलाने में ये पौधा बेहद असरदार है। पारिजात के पेड़ के तने के पत्ते, जड़, और फूल का काढ़ा बनाएं। इसे 10-30 मिली मात्रा में सेवन करें। इससे बार-बार पेशाब करने की परेशानी खत्म हो जाएगी।
घाव को भरता है पारिजात का पौधा
औषधीय गुणों से भरपूर पारिजात का पौधा घाव को जल्द ही ठीक कर सकता है। पारिजात के बीज का पेस्ट बनाएं। इसे फोड़े-फुन्सी या अन्य सामान्य घाव पर लगाएँ। इससे घाव ठीक हो जाता है।
शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद है पारिजात।
जिन लोगों की शुगर कंट्रोल में नहीं रहता है, वे 10-30 मिली पारिजात के पत्ते का काढ़ा बना लें। इसका सेवन करें। इससे शुगर कंट्रोल में रहेगा।
