रायपुर. कोरोना संक्रमण से घरों में कैद लोगों को मनपसंद स्थान पर जाने को मिलना फिलहाल संभव नहीं है। लोगों को अपना काम समाप्त करने के बाद अपने घर के अंदर ही मनोरंजन के साधन ढूंढने होंगे। रायपुर निवासियों के लिए सैर करने सबसे नजदीक पुरखौती मुक्तांगना के साथ नया रायपुर स्थित जंगल सफारी तथा नंदनवन विदेशी पक्षी विहार लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भी नहीं खुलेंगे। इस संबंध में सफारी प्रबंधन का कहना है, शासन आगे जैसा निर्णय लेगा, उस हिसाब से जंगल सफारी और नंदनवन को खोलने का निर्णय लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद से जंगल सफारी और नंदनवन को पर्यटकों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई थी। जून के दूसरे पखवाड़े में जंगल सफारी, नंदनवन विदेशी पक्षी विहार को खोलने का निर्णय लिया गया। साथ ही कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने बनाई गई गाइडलाइन का पालन करते हुए पर्यटकों को जंगल सफारी तथा नंदनवन सैर करने शर्तों के साथ छूट दी गई थी। इसके बाद राज्य शासन द्वारा कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन की घोषणा की गई। तब से जंगल सफारी और नंदनवन को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। गुरुवार को लॉकडाउन खोलने की घोषणा के बाद जंगल सफारी और नंदनवन को खोलने पर किसी तरह से कोई विचार नहीं किया गया।
कोरोना का डर, लोग बाहर जाने से डर रहे लॉकडाउन के बाद जंगल सफारी और नंदनवन को खोलने का निर्णय लिया गया था। सफारी तथा नंदनवन प्रबंधन को उम्मीद थी कि ढाई महीने से ज्यादा समय तक घरों में कैद रहे लोग इन दोनों जगह सैर करने के लिए आएंगे, लेकिन उम्मीद के विपरीत सीमित संख्या में लोग सफारी तथा नंदनवन की सैर करने के लिए पहुंचे। पूर्व में खर्च डीजल का भुगतान नहीं कर पाए जंगल सफारी फिलहाल शासन के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। लॉकडाउन की वजह से घाटे में चल रहे सफारी प्रबंधन को वन्यजीवों के भोजन खर्च की राशि शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही वहां काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन की आधी राशि शासन दे रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण जंगल सफारी बंद होने की वजह से फरवरी मार्च का 45 हजार रुपए डीजल की बकाया राशि देना बाकी है। सफारी प्रबंधन इस राशि का भुगतान नहीं कर पा रहा।
