दन्तेवाड़ा : दतेवाड़ा मे लाउडस्पीकर से पढ़ाई शुरू……

दन्तेवाड़ा, 07 अगस्त 2020

छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा एक ऐसा जिला है जो भौगोलिक परिस्थितियों के साथ सुदूर अंचल पहाड़ी क्षेत्रों से घिरा हुआ नेटवर्क विहीन क्षेत्र है जहां इस कोरोना काल में शिक्षा जैसे मूलभूत सुविधा को उपलब्ध कराने हेतु शिक्षकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है इस क्षेत्र में राज्य शासन के महत्वपूर्ण योजना पढ़ई तुंहर दुआर का संचालन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन क्लास से बच्चे जुड़कर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, तो जिन क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं है उन क्षेत्रों हेतु पारा मोहल्ले में शिक्षक जाकर ऑफलाइन क्लास का संचालन कर रहे हैं या ब्लूटूथ के माध्यम से साधारण मोबाइल से नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल के ब्लूटूथ माध्यम से शिक्षा के कन्टेन्ट उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं वहीं लाउडस्पीकर के माध्यम से भी बच्चों को जोड़ने एक नवाचार किया जा रहा है इसी कड़ी में दंतेवाड़ा जिले में विकासखंड गीदम के प्राथमिक शाला गायतापारा हारम को केंद्र मानकर यहां पर तीन स्कूल गायतापारा, चर्चपारा और माध्यमिक शाला हारम के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने लाउडस्पीकर के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का निर्णय लिया, जो दंतेवाड़ा जिला में सर्वप्रथम लाउडस्पीकर के माध्यम से चलने वाला केंद्र बना है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश शर्मा ने कहा कि स्कूल कब खुलेगा यह कहना मुश्किल है अतः सभी पालक अपने-अपने बच्चों को इस कोरोना काल में अपने बच्चों को सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अधिक से अधिक बच्चों को पढ़ने को प्रेरित करें साथ में पालको को भी कोरोनावायरस के संक्रमण, रोकथाम हेतु सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए सहभागिता हेतु अपील की। समग्र शिक्षा के सहायक परियोजना समन्वयक दादा जोकाल उर्फ सिकंदर खान ने गोंडी मे पालकों से अपील की कि सभी बच्चों को पढ़ने हेतु प्रेरित करें जिससे बच्चों की शिक्षा पूरी हो सके इस संकट के पल में भी सभी बच्चे नियमित रूप से शिक्षा से जुड़े रहे तथा इनकी शिक्षा जारी रखे। कार्यक्रम में वहीं की शिक्षिका प्रमिला कुशवाहा, पार्वती साहनी, चर्चपारा हारम की शिक्षिका समावती पाल नीता साहू एवं माध्यमिक शाला हारम के शिक्षक नागेंद्र प्रसाद चतुर्वेदी, कालिंदी कोठारी एवं शकुंतला कशेर उपस्थित थे और उन्होंने अपने बच्चों को अध्ययन करवाया।

माधोपारा हारम जहां पर शीतला माता का मंदिर है उनके प्रांगण में माधव पारा प्राथमिक शाला माध्यमिक शाला डीएवी अंग्रेजी स्कूल गायत्री स्कूल और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के बच्चे पढ़ने आते हैं, वहां पर शीतला मंदिर प्रांगण में भी लाउडस्पीकर माध्यम से पढ़ाई का शुभारंभ किया गया स्कूल के शिक्षक श्री बसंत पाल ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से उनको जगह मिला हुआ है इस वैश्विक महामारी कोरोना काल में क्योंकि बच्चे स्कूल नहीं जा पा सकते हैं अतः इनके पालकों के द्वारा शिक्षकों से अपील की गई कि पर्याप्त जगह होने के कारण यहां पर पढ़ाई किया जा सकता है, जिसका पालकों के द्वारा भी भरपूर सहयोग किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस महामारी में यह प्रयास सराहनीय है मां शीतला के दरबार में यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है सभी शिक्षकों का अभिनव प्रयास है और इस प्रांगण में सभी बच्चे सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए पढ़ाई के लिए तत्पर हैं वह शिक्षकों के लिए भी साथ में पालकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है जिला मिशन समन्वयक श्री एस एल सोरी ने अपने शब्दों में कहा कि जो बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं उन बच्चों के पास में स्कूल के शिक्षक पढ़ाने के लिए आएंगे अतः कोरोना से किसी को डरने की घबराने की जरूरत नहीं है आप अपने घर पर ही रहकर या फिर किसी निश्चित स्थान पर रहकर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपनी पढ़ाई को जारी रख सकते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी श्री रफीक शेख ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस स्थान पर स्कूल के शिक्षक शिव कुमार गुप्ता का यह प्रयास सराहनीय है इनके ही प्रयास से यहां पर तीन-तीन स्कूल के विद्यार्थी पढ़ने की ललक बनाकर रखे हुए हैं जिसका परिणाम यह है कि यहां पर इस केंद्र पर लगभग 35 से 40 बच्चे उपस्थित होकर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कोविड-19 के समस्त नियमों को ध्यान में रखकर पढ़ाई करने के लिए उत्सुक हैं। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कर्मा जिला मिशन समन्वयक श्री एस एल सोरी, एपीसी दादा जोकॉल, राजेंद्र पांडे, ढलेश  आर्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री रफीक शेख सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुश्री भवानी पुनेम खंड स्रोत समन्वयक अनिल शर्मा गीदम संकुल समन्वयक जितेंद्र चौहान, शिक्षिका प्रमिला कुशवाहा, पार्वती साहनी, समावती पाल, नीता साहू, नागेंद्र प्रसाद चतुर्वेदी, कालिंदी कोठारी, शकुंतला कसेर, बसंत पाल, शिव कुमार गुप्ता, फरहाना रिजवी, ओलिविया पीटर, रिमिता कुजूर एवं कृष्णा नाग अरुण शहोर, धन सिंह नाग, दयालु नाग, पालक उपस्थित थे।

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