पंजाब विधानसभा में जोरदार हंगामा, कांग्रेस विधायकों का वॉकआउट

चंडीगढ़
पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को हंगामे की स्थिति रही और कांग्रेस विधायकों ने अबोहर के व्यापारी की हत्या की घटना पर विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया। विशेष सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सात जुलाई को अबोहर में तीन हमलावरों द्वारा व्यापारी संजय वर्मा की हत्या किए जाने का मुद्दा उठाया और चर्चा की मांग की।

विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने बाजवा से कहा कि उन्हें अपने मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। अध्यक्ष ने कहा कि चूंकि यह एक विशेष सत्र है, इसलिए शून्यकाल नहीं होगा। इसके बाद बाजवा और पार्टी के अन्य विधायक राज्य में कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए सदन में विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गए।इस बीच, अध्यक्ष संधवान ने कहा कि सदन की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की सिफारिश के बाद मौजूदा सत्र की अवधि को दो दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है।

कांग्रेस विधायकों के अपनी सीट पर वापस आने के बाद आप नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कथित तौर पर माफियाओं को संरक्षण दे रही है जिसके बाद कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कांग्रेस नेता बाजवा के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

बाजवा ने आरोप लगाया कि उन्हें चीमा के आरोपों का जवाब देने की अनुमति नहीं दी गई। वह अन्य विधायकों के साथ फिर से अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यक्ष ने प्रदर्शनकारी कांग्रेस विधायकों से पूछा कि क्या उन्हें बीएसी की सिफारिशों के बारे में कुछ कहना है। कांग्रेस विधायकों ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया और सदन से बहिर्गमन कर गए। पंजाब के मंत्री बरिंदर गोयल ने भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड द्वारा प्रबंधित बांधों पर सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) कर्मियों को तैनात करने के केंद्र के कदम के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया।

 

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