प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में हिंदी भाषा में संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में वैश्विक चुनौतियों के साथ भारत की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी यूएन में संबोधित कर चुके हैं। वह देश के लिए सम्मान और गौरव के क्षण थे। इससे पहले बीते वर्ष देश के सम्मान में उस समय और अधिक इजाफा हुआ था जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने ट्विटर पर हिंदी में अपना अकाउंट बनाया और हिंदी भाषा में ही पहला ट्वीट किया। पहले ट्वीट में लिखा संदेश पढ़कर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। इतना ही नहीं संयुक्त राष्ट्र संघ ने फेसबुक पर भी हिंदी पेज बनाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण दिया था। उस समय हमारा पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा था। लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासभा में सबसे पहले 1977 में हिंदी में भाषण दिया था अटल बिहारी बाजपेयी जी ने। उस वक्त वो जनता पार्टी सरकार में विदेश मंत्री थे। उस समय वे यूएन में भारत की अगुवाई कर रहे थे।
संयुक्त राष्ट्र में किसी भी भारतीय के पहले हिंदी भाषण का पूरे देश में जोरदार स्वागत हुआ था। उनके भाषण की जगह-जगह चर्चा होती थी। इसके बाद उन्होंने सन 2002 में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में दोबारा इस अंतरराष्ट्रीय मंच से हिंदी में अपनी बात रखी थी। सितंबर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा को हिंदी में संबोधित किया था।
