एक अक्तूबर 2020 यानी आज से भारत में 10 बड़े बदलाव हुए हैं। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। इन नए नियमों से एक ओर जहां आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इनमें गैस सिलिंडर के दाम, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी, आधार-राशन कार्ड, सरसों में दूसरा खाद्य तेल मिलाना, गाड़ी में कागजात रखने की जरूरत, TV के दाम, मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन, पैसा विदेश भेजने पर टैक्स, खुली मिठाई के लिए मियाद, आदि से जुड़े नियम शामिल हैं। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में।
गाड़ी चलाते समय हाथ में मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल रूट नेविगेशन के लिए इस तरह से किया जा सकेगा कि वाहन चलाते समय ड्राइवर का ध्यान भंग न हो। लेकिन ड्राइविंग करते समय मोबाइल से बात करने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने यह नियम नोटिफाई कर दिया है।
वैसे तो जनता के लिए कई सरकारी योजनाएं उपलब्ध हैं। लेकिन इन योजनाओं में से एक स्कीम ऐसी भी है जिससे गरीब परिवारों को काफी लाभ मिल रहा है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को मुफ्त में गैस सिलिंडर कनेक्शन प्रदान करना है। इसका नाम है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना। लेकिन यह योजना 30 सितंबर को खत्म हो गई है। मोदी सरकार ने लॉकडाउन के चलते गरीबों की मदद के लिए योजना को अप्रैल से सितंबर तक बढ़ाया था। यानी अक्तूबर से आप इसके तहत फ्री गैस सिलिंडर का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
बीमा नियामक इरडा के नियमों के अनुसार, एक अक्तूबर से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब सभी मौजूदा और नए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत किफाती दर पर अधिक बीमारियों का कवर उपलब्ध होगा। यह बदलाव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को स्टैंडर्डाइज्ड और कस्टमर सेंट्रिक बनाने के लिए किया जा रहा है।
एक अक्तूबर से कारोबारियों को बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों के इस्तेमाल की समयसीमा बतानी होगी। यानी दुकानों पर खुली बिकने वाली मिठाइयों का कितने समय तक इस्तेमाल करना ठीक रहेगा, उसकी समय सीमा की जानकारी उपभोक्ताओं को देनी अनिवार्य होगी। खाद्य नियामक ने इस नियम को अनिवार्य किया है। इस संदर्भ में एफएसएसएआई ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पत्र लिखा।
अब वाहन चलाते हुए आपको ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जैसे कागजातों को रखने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस बारे में पिछले वर्ष सितंबर 2019 में नए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जो एक अक्तूबर 2020 से लागू हो गए। केंद्र सरकार ने कहा है कि ड्राइविंग लाइसेंस और ई-चालान समेत वाहन दस्तावेज का रखरखाव एक अक्तूबर से सूचना प्रौद्योगिकी पोर्टल के जरिए किया जा सकेगा।
अब सरसों के तेल में दूसरा खाद्य तेल मिलाकर नहीं बेचा जा सकेगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सरसों के तेल को किसी अन्य तेल के साथ मिलाकर बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक अक्तूबर से नया नियम प्रभावी माना जाएगा। बड़ी संख्या में तेल कारोबारी सरसों के तेल में राइस ब्रान या अन्य तरह के तेलों को मिलाकर बिक्री करते हैं। सरसों महंगी होने की वजह से इसका तेल महंगा हो जाता है। जबकि, राइस ब्रान या अन्य तेल सस्ते होते हैं। इनको मिलाने के बाद सरसों के तेल की कीमत भी कम हो जाती है। कई तेल मिलें तो इस मिलावट के लिए लाइसेंस भी लेती हैं।
केंद्र सरकार ने विदेश पैसे भेजने पर टैक्स से जुड़ा नियम बदला है। अक्तूबर से अगर विदेश में पढ़ रहे अपने बच्चे के पास पैसे भेजते हैं या किसी रिश्तेदार को पैसा भेजते हैं, तो इसपर पांच फीसदी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। फाइनेंस एक्ट 2020 के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश पैसे भेजने वाले व्यक्ति को टीसीएस का भुगतान करना होगा।
यदि आपकी प्लानिंग सस्ते टीवी खरीदने की है तो आज यानी 30 सितंबर आपके लिए आखिरी मौका है। ऐसा इसलिए क्योंकि आज से टीवी की कीमतें बढ़ गई हैं। टीवी की कीमतें आज से इसलिए बढ़ीं क्योंकि अभी तक टीवी के लिए बाहर से आने वाले ओपन सेल पर पांच फीसदी का सीमा शुल्क नहीं लग रहा था लेकिन एक अक्तूबर से यह शुल्क लगने लगेगा जिसके बाद 32 इंच का टीवी करीब 600 रुपये और 42 इंच का टीवी 1,500 रुपये तक महंगा हो जाएगा। बता दें कि भारत में फिलहाल ओपन सेल का उत्पादन नहीं होता है। आइए 10,000 रुपये से कम कीमत में आने वाले कुछ नॉन स्मार्ट टीवी के बारे में जानते हैं।
आधार कार्ड (Aadhaar Card) को राशन कार्ड (Ration Card) से जोड़ने के लिए 30 सितंबर आखिरी तारीख थी। एक अक्तूबर से ग्राहक अपने रासन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करा सकेंगे। राशन कार्ड के जरिए लाभार्थियों को सस्ते दाम पर सब्सिडी के तहत अनाज मिलता है। गरीब और प्रवासी लाभार्थियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना के तहत राशन कार्ड धारकों की अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी को लागू करना शुरू कर दिया है।
तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में एलपीजी सिलिंडर के दामों की समीक्षा करती है। हर राज्य में टैक्स अलग-अलग होता है और इसके हिसाब से एलपीजी के दामों में अंतर होता है। इस महीने 19 किलोग्राम वाले सिलिंडर की कीमत में तेजी आई है। लेकिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले बिना सब्सिडी वाले एलपीजी रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में अक्तूबर में कोई बदलाव नहीं किया है।
19 किलोग्राम वाले सिलिंडर की कीमत में बदलाव
19 किलोग्राम वाले सिलिंडर की कीमत कंपनियों ने कम की है। दिल्ली में यह 1133.50 रुपये से बढ़कर 1166 रुपये पर आ गई है। कोलकाता में 1196 रुपये से बढ़कर 1220 रुपये, मुंबई में 1089 रुपये से बढ़कर 1113.50 रुपये और चेन्नई में यह 1250 रुपये से बढ़कर 1276 रुपये का हो गया है। इन सभी राज्यों में इसकी कीमत क्रमश: 19, 24, 24.50 और 26 रुपये बढ़ी है।
14.2 किलो वाले सिलिंडर का दाम
आईओसीएल की वेबसाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अगस्त और सितंबर में जो दाम थे, वही अक्तूबर महीने में जारी रहेंगे। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला गैर-सब्सिडी एलपीजी सिलिंडर 594 रुपये पर स्थिर है। कोलकाता में इसका दाम 620.50 रुपये, मुंबई में 594 रुपये और चेन्नई में 610.50 रुपये है।
मौजूदा समय में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।
