बिहार चुनाव के पहले चरण के मतदान में बस अब कुछ ही दिन बचे हैं. चुनाव में जीत को लेकर सभी पार्टियों ने अपना पूरा दम-खम चुनावी रैलियों में झोंक दिया है. भाषण में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. सियासी गठबंधन जहां बिहार के विकास के नाम पर चुनावी मैदान में ताल ठोक रही हैं तो वहीं विपक्षी पार्टियां पूरी तरह से सत्तापक्ष पर हमलावर है और कमियां गिनाने में लगी हैं.
इस बीच सभी पार्टियों ने अपना-अपना घोषणापत्र जारी करते हुए जनता के सामने वादों की लंबी फेहरिस्त रखी है, जिसमें काफी सारे लुभावने वादे किए गए हैं. एनडीए और महागठबंधन बड़े-बड़े चुनावी वादों का पिटारा लेकर जनता के सामने है तो वहीं छोटी-छोटी पार्टियों ने भी जनता से बड़े-बड़े वादे किए हैं. किसी ने सीता मैया की मंदिर बनाने की बात कही है तो कोई 10 लाख नौकरी का वादा कर रहा, कोई किसानों की फिक्र कर रहा है तो कोई बिहार की जनता से बस एक साल मांग रहा है.
महागठबंधन का घोषणा पत्र, रोजगार का वाद
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने साझा घोषणापत्र को बदलाव के संकल्प पत्र का नाम दिया और राजद-कांग्रेस के साथ लेफ्ट पार्टी के नेताओं ने साथ मिलकर घोषणापत्र जारी किया जिसमें बिहार में सरकार गठन के बाद जो प्राथमिकताएं तय की गईं है, उसका जिक्र किया गया है, जिसमें सबसे बड़ी बात ये है कि पहली कैबिनेट में दस लाख नौजवानों को रोजगार देने की बात कही गई है.
इसके अलावे परीक्षा के लिए भरे जाने वाले आवेदन फार्म पर फीस माफी, परीक्षा केंद्रों तक जाने का किराया देने की बात कही गई है. बिहार से पलायन रोकना, शिक्षकों के लिए समान काम समान वेतन का वादा भी किया गया है.जीविका दीदियों, किसानों के लिए भी कई वादे किए गए हैं.
कांग्रेस ने अलग घोषणा पत्र किया जारी
इस संयुक्त घोषणा पत्र के बाद कांग्रेस ने बुधवार को अपना महागठबंधन से अलग एक घोषणा पत्र जारी किया, जिसे बदलाव पत्र बताते हुए पार्टी ने बिहार के किसानों से सत्ता में आने पर मुफ्त बिजली, किसानों की कर्ज माफी के साथ ही बेटियों की सुरक्षा का वादा किया है.
नीतीश कुमार की खामियां गिनाने वाली लोजपा ने अपने विजन डाक्यूमेंट के रूप में अपना घोषणा पत्र जारी किया. लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के घोषणा पत्र में बिहार के विकास, रोजगार के साथ ही सीता मैया का भव्य मंदिर बनाने का भी वादा किया है. चिराग ने अपने बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के विजन के साथ ही महिलाओं को मुफ्त में बस यात्रा की सुविधा,समान काम समान वेतन के वादे के साथ हीअत्याधुनिक कैंसर संस्थानों की स्थापना का वादा भी किया है.
एनडीए ने अबतक नहीं जारी किया है घोषणा पत्र, रिपोर्ट कार्ड जारी
इन सबके बीच अब ध्यान देने वाली बात ये है कि सत्तापक्ष एनडीए ने अब तक अपना घोषणा-पत्र जारी नहीं किया है, बल्कि रिपोर्ट कार्ड जारी किया है. एनडीए द्वारा जारी रिपोर्ट कार्ड में सबसे पहले जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखने को शामिल किया गया है, जबकि मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से आजादी दिलाने को भाजपा ने अपनी वैचारिक पृष्ठभूमि को नया आयाम देना बताया है. इसके अलावा फोरलेन सड़क. गली नाली का निर्माण और पक्की सड़कों, पुलों के काम को बताया गया है.
