माता दुर्गा का पावन पर्व अब खत्म होने ही वाला है पूजा में महज दो दिनों का वक्त बचा है, क्योंकि इसा साल अष्टमी औऱ नौवमी एक साथ पड़ रही है ऐसे में शनिवार को ही पूजा करके माता के भक्त अपना उपवास खोल देंगे. इस दिन बहुत सारे लोग कन्याओं को भोजन करात हैं या पिर घर पर काले चने और पुड़ी बनाकर माता को भोग लगाते हैं. ऐसे में अगर आपने भी नौ दिनों का व्रत रखा है तो आप भी मां के चरणों में इस भोग को अर्पण करेंगे. जहां कुछ लोग अष्टमी को व्रत का उद्यापन करते हैं तो कुछ के यहां नवमी को पूजा करके उद्यापन किया जाता है. ऐसे में आप दोनों ही दिन काले चने बनाते हैं और उसका भोग मां को लगाते हैं.
अष्टमी या फिर नवमी के उद्यापन में लोग पूजा में मां दुर्गा को सूखे काले चने का भोग लगाते हैं, ये भोग मां को बेहद पसंद हैं. आज हम आपको नवरात्रि के व्रत के उद्यापन में लगने वाले भोग सूखे काले चने की आसान सी रेसिपी बताते हैं. ये रेसिपी इतनी आसान है कि इसे कोई भी आराम से बना सकता है, फिर चाहे उसे खाना बनाना आता हो या फिर नहीं. तो चलिए जानें सूखे काले चने बनाने की आसान सी रेसिपी.
सूखे काले चने बनाने के लिए सामग्री
रातभर भीगा हुआ काला चना
महीन कटी अदरक
हरी मिर्च
धनिया की पत्ती
आमचूर पाउडर
चना मसाला
पिसी लाल मिर्च
हींग
हल्दी
नमक
बनाने की तरीका
1. सबसे पहले इसे रातभर भिगोकर रखे दों औऱ उसके बाद दूसरे दिन सुबह उसा पानी निकाल दें और इसके बाद कूकर में चने और पानी ड़ालकर उसे गैस पर रख दें.
2. इसके बाद पानी में हल्का नमक ड़ालें ताकि चने ज्यादा काले ना हों और इसके बाद कम से 5-6 सीटी होंने दें, इसके बाद सीटी निकल जाए तो उसे एक साफ बर्तन में रखें ताकि चने ठंडे हो जाएं.
3. चना जब ठंडा हो जाए तो इसके एक चौथाई भाग को निकाल लें और हाथ से हल्का मैश करें, ताकि चने का मसाला गाढ़ा हो सके इसके बाद गैस पर धीमा आंच पर कूकर रखें.
4. इसमें तेल डालें और उसके बाद उसमें एक चम्मच जीरा, आधा चम्मच हींग, डेढ़ चम्मच चना मसाला, आधा चम्मच हल्दी, आधे चम्मच से भी कम पिसी लाल मिर्च, एक चम्मच आमचूर पाउडर, हरी कटी मिर्च और कटी हुई अदरक डाल लें.
5. इसके बाद मसाले को चलाएं और उसमें तुरंत मैश किया हुआ चना और उबला हुआ साबित चना दोनों ही एक साथ डाल लें और अच्छए से मिक्स करें.
6. 5 मिनट बाद इसमें करीब एक गिलास पानी और स्वादानुसार नमक डालें और कूकर को बंद करें. 3-4 सीटी के बाद कूकर की गैस बंद कर दें, जब सीटी निकल जाए तो तने को बर्तन में निकाल दें अब ये खाने के लिए तैयार है.
