रायपुर : महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहे वनधन विकास केन्द्र : चिरायता का विक्रय कर समूह की महिलाओं ने एक माह में कमाए 62 हजार रूपए

रायपुर 02 नवम्बर 2020

संगठित होकर शिद्दत से कोशिश की जाए तो कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं। इसी जज्बे से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं अब स्वावलंबन की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैे। उनके लक्ष्य पूर्ति में वनधन विकास केन्द्र एक प्रभावी माध्यम के रूप में उभर रहे हैं। उनकी कोशिश का परिणाम है कि राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड में प्रगति वनधन विकास केन्द्र जोब की महिलाओं नेे चिरायता का विक्रय कर 62 हजार रूपए का मुनाफा प्राप्त किया है।
समूह की सचिव श्रीमती रूक्मिणी मंडावी ने बताया कि उन्होंने सोचा नहीं था कि एक माह में इतनी उन्नति करेंगे। उन्होंने बताया कि जनपद पंचायत के प्रोत्साहन एवं सहयोग से सभी महिलाएं अब स्वावलंबी हो रही हैं। प्रगति वनधन विकास केन्द्र जोब नेे हमारी किस्मत बदल दी है। यहां आकर हम न केवल जागरूक हुए हैं, बल्कि हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ा है और संकोच दूर हुआ हैे। उन्होंने बताया कि समूह के द्वारा 44 क्विंटल चिरायता ग्रामीणों से क्रय किया गया। इसमें उन्हें वन विभाग की मदद मिली और वन विभाग द्वारा चिरायता क्रय किया गया। समूह की महिलाएं इस सफलता से बहुत खुश है। उन्होने कहा कि अब सभी महिलाएं काम को आगे बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित कर रही हैं। सदस्य सुश्री बिमला बाई ने कहा कि हम भविष्य में जिमीकंद का अचार बनाने और उसकी मार्केटिंग की भी तैयारी कर रहे हैं।
जनपद पंचायत सीईओ श्री प्रतीक प्रधान ने बताया कि चिरायता वनौषधि है और क्षेत्र में बहुतायत से होता है। महिलाओं ने 93 हजार 135 रूपए की लागत से ग्रामीण क्षेत्रों में चिरायता खरीदा था। चिरायता को 1 लाख 55 हजार 225 रूपए की राशि में विक्रय किया। जिससे महिलाओं को 62 हजार रूपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है। वनऔषधि संकलन और विक्रय से ग्रामीण महिलाओं की न सिर्फ आमदनी बढ़ी है बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी आ रहा है।

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