छत्तीसगढ़ में त्योहारों पर गिफ्ट पॉलिटिक्स! बीजेपी ने सरकार को गिफ्ट किए बारदाने

एक महीने देरी से धान खरीदी का किया विरोध

रायपुर। छत्तीसगढ़ में त्योहारों पर गिफ्ट पॉलिटिक्स का एक नया दौर शुरू हुआ है…जिसके तहत विपक्ष उपहार मांगकर या भेजकर सत्तापक्ष को घेरने की कोशिश करता है…प्रदेश में धान खऱीदी एक महीने देरी से शुरू करने के सरकार के फैसले को विपक्ष ने किसानों के साथ अन्याय बताते हुए…दीवाली पर सरकार को बारदाने गिफ्ट के तौर पर भेजे हैं…दूसरी ओर सरकार का साफ कहना है धान खरीदी में देर करने की उनकी कतई मंशा नहीं है…लेकिन बिना पर्याप्त बारदानों के धान खऱीदी संभव नहीं है।

त्योहारों पर मेल-मुलाकात और उपहार देना हमारे देश की पुरानी रीत रही है लेकिन दिवाली पर बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को बारदाने गिफ्ट कर…उपहारों को सियासी हथियार बनाने का नया चलन आगे बढ़ाया है…दरअसल, प्रदेश में 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू करने के पीछे प्रदेश सरकार ने बारदानों की रुकी सप्लाई को कारण बताया जिस पर बीजेपी का सीधा आरोप है कि सरकार जानबूझकर किसानों का धान देर से खरीदकर उनके साथ ज्यादती कर रही है…और इसीलिए बीजेपी ने बारदाने जमा कर सरकार को दिवाली पर भेंट किए हैं ताकि सरकार बारदाने की कमी का बहाना छोड़ धान खरीदी शुरू करे…।

विपक्ष के आरोपों पर प्रदेश सरकार पहले ही कई बार अपना पक्ष रख चुकी है…मामले में मुख्यमंत्री तक बारदानों की बाधित सप्लाई की बात बताकर विपक्ष को इस मुद्दे पर ओझी राजनीति ना करने की नसीहत भी दी…अब बारदाने गिफ्ट करने पर कांग्रेस ने एक बार फिर बीजेपी पर जमकर पलटवार किया है..। वैसे प्रदेश सरकार को घेरने के लिए त्योहारों के मौके पर गिफ्ट पॉलिटिक्स कोई नई बात नहीं है…इससे पहले भी बीजेपी महिला नेत्रियों ने रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री को राखियां भेजकर उन्हें शराबबंदी का वचन याद दिलाया था…और अब दीवाली पर बारदाने देकर धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार को घेरा है…देखना होगा दीवाली पर विपक्ष की ये गिफ्ट पॉलिटिक्स किसानों को क्या तोहफा दिला पाती है..।

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