डाभ- कहा जाता है यह सामान्य नींबू से बड़ा दिखाई देता है। वहीँ स्वाद में भी यह खट्टेपन के साथ मीठा होता है और इस फल को सबसे शुद्ध फल माना जाता है।
केला- कहते हैं केले के वृक्ष को बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस वजह से छठी मइया को केला भी चढ़ाते हैं। छठ पूजा के दौरान कोई पक्षी उसे झूठा न करे इसलिए कच्चे केले को पहले ही घर पर लाकर पका लिया जाता है और उसके बाद उसे छठी मैय्या को चढ़ाया जाता है।
नारियल- आप जानते ही होंगे पूजा में नारियल को शुद्ध फल माना जाता है। जी दरअसल इसकी सतह बहुत सख्त होने के साथ यह ऊंचाई पर लगता है, जिसकी वजह से पशु-पक्षी इसे झूठा नहीं कर पाते हैं। इस वजह से नारियल को मां लक्ष्मी का प्रतीक भी मानते हैं।
सुथनी फल- यह फल दिखने और स्वाद में शकरकंद जैसा लगता है। कहा जाता है इस फल को बहुत ही शुद्ध मानकर छठी मैय्या की पूजा में इस्तेमाल करते हैं। गन्ना- आप जानते ही होंगे छठ पूजा में गन्ना भी चढ़ाते हैं। गन्नों के हरे हिस्से समेत ऊपर की ओर से बांधकर घर की आकृति बनाते हैं, फिर उस जगह पर पूजा करते हैं।
