फाइजर और उसके जर्मन पार्टनर बायोएनटेक ने बुधवार को अंतरिम परिणामों का एक दूसरा बैच जारी किया, जिसमें कहा गया है कि उसका कोरोनावायरस का टीका 95 प्रतिशत तक कारगर है. इस बड़ी कामयाबी के एक दिन बाद ही कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि वह अमेरिकी नियामकों से अपनी कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की अनुमति देने का अनुरोध करेगी
कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के बेहतर नतीजे आने के बाद फाइजर वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए इमरजेंसी अप्रुवल मांगने जा रही है. बता दें कि पिछले एक साल से कोरोना संकट से जूझ रही दुनिया के लिए इसकी वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है. ऐसे में अगर इसे रेगुलेटरी अप्रुवल मिल जाती है तो यह कोरोना महामारी की रोकथाम दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
अगर सब कुछ ठीक रहा तो, शुक्रवार को फाइजर का ये कदम दिसंबर-अंत तक सबसे कमजोर अमेरिकियों को टीका लगाने की दिशा में पहला कारगर स्टेप हो सकता है.
Corona Vaccine latest update- बता दें कि इससे पहले कंपनी ने कहा था कि इसका टीका बुजुर्ग लोगों को वायरस का शिकार होने के जोखिम से भी बचाता है. कंपनी ने कहा, “प्राथमिक विश्लेषण से पता चलता है कि वैक्सीन की पहली खुराक के 28 दिनों के अंदर यह अपना प्रभाव दिखाने लगता है. ट्रायल के दौरान कोविड-19 के 170 पुष्ट मामलों का मूल्यांकन किया गया.”
ये घोषणा 9 नवंबर को फाइजर की पहली धमाकेदार घोषणा के एक हफ्ते बाद आई है, जब इसने कहा था कि इसका टीका 90 प्रतिशत तक प्रभावी है. पहला परिणाम 43,000 से अधिक स्वयंसेवकों में से चुने गए 100 से कम संक्रमित मरीजों के विश्लेषण पर आधारित था. फाइजर-बायोएनटेक ने टीका बनाने के लिए एमआरएनए तकनीक का उपयोग किया है, जिसका अर्थ है कि वैक्सीन का शॉट लेने से कोविड-19 होने का कोई जोखिम नहीं है.
