नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और उनकी टीम पर रविवार देर रात मुंबई में भीड़ ने हमला कर दिया। यह घटना ड्रग पैडलर्स से जुड़े तलाशी अभियान के दौरान हुई थी। घटना के बाद, गोरेगांव पुलिस स्टेशन में धारा 353 के तहत शिकायत दर्ज की गई है।
समीर वानखेड़े ने उन पर और उनकी टीम पर हुए हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। यह चेतावनी देते हुए कि ‘वह हमले को मंजूर नहीं करते’, अधिकारी ने आश्वासन दिलाया कि वह ‘हमलावरों को दूर नहीं जाने देंगे’। अधिकारी ने यह भी खुलासा किया कि ‘उनकी कारें भी तोड़ दी गईं।’
हमले पर बोले समीर वानखेड़े
रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए, समीर वानखेड़े ने कहा, “मैं इस हमले को गंभीरता से लूंगा। मैं उन्हें एजेंसियों पर हमला नहीं करने दूंगा। उनकी हम पर हमला करने की हिम्मत कैसे हुई? हमारी कारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वे बच नहीं पाएंगे।”
ऐसी खबरें आने के बाद कि 50-60 व्यक्तियों की भीड़ ने समीर वानखेड़े और पांच अन्य अधिकारियों पर हमला किया जब टीम एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए गोरेगांव में तलाशी के लिए गई थी, अब यह सामने आया है कि हमले के पीछे ठीक 63 लोग थे। उनमें से दो अधिकारियों को चोटें लगी है और वे फिलहाल स्थिर हैं।
गोरेगांव पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 353/323/186/506/34 के तहत मामला दर्ज किया है। इस बीच, हमले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बता दें कि वानखेड़े सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच करने वाले मुख्य अधिकारियों में से एक रहे हैं। न केवल वह मामले में शामिल बड़े नामों की जांच और पूछताछ कर रहे हैं, बल्कि उनके जरिए जांच एजेंसी हमेशा अपने आधिकारिक बयान मीडिया के साथ साझा करती रही है।
फिलहाल वह अपनी टीम के साथ बॉलीवुड के कथित ड्रग्स नेक्सस की जांच कर रही है जिसमें हाल ही में कॉमेडियन भारती सिंह और पति हर्ष लिम्बाचिया को ड्रग्स के सेवन में गिरफ्तार किया गया था और अब उन्हें सोमवार को जमानत दे दी गई है।
