करौली
राजस्थान के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 2 बाघिन के लापता होने की खबर है. बाघिन T-124 रिद्धि की बेटी RBT-2504 माही और RBT-2510 कई दिनों से गायब हैं. पिछले कई दिनों से वन विभाग की टीम दोनों बाघिनों को ढूंढने का प्रयास कर रही है. हाल ही में आरबीटी-2504 'माही' का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बाघिन उसकी मां रिद्धि से भिड़ती दिख रही है. आरबीटी-2504 का मूवमेंट भी रणथंभौर के जोन नम्बर 2, 3 और 4 के लेक एरिया में देखा गया है, लेकिन करीब एक महीने से बाघिन कहीं नजर नहीं आ रही है. बाघिन टी-107 सुल्ताना की बेटी आरबीटी-2510 की भी कोई जानकारी नहीं है.
आपसी संघर्ष के चलते बाघिन ने छोड़ा इलाका!
इन दोनों बाघिन के गायब होने के पीछे आपसी संघर्ष की भी आशंका जताई जा रही है. लगातार बाघ-बाघिन की बढ़ती संख्या के चलते आपसी संघर्ष भी बढ़ गया है. ऐसे में बढ़ती संख्या के चलते टेरिटरी को लेकर बाघों के बीच संघर्ष देखा जा चुका है. ताकतवर बाघ-बाघिन के डर से कमजोर बाघ बाघिन अपना इलाका छोड़ने को मजबूर है.
आखिरी बार 1 और 2 मई को देखी गई आरबीटी-2504
रणथंभौर में ना सिर्फ सर्च अभियान चलाया जा रहा है, बल्कि ट्रेप कैमरों के जरिए भी दोनों बाघिनों को ढूंढा जा रहा है. डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम बाघिनों की तलाश में जुटी हुई है. आरबीटी-2504 को आखिरी बार 1 और 2 मई को देखा गया था. 3 मई को आरबीटी-2504 और उसकी मां टी-124 के बीच संघर्ष हुआ. इसके बाद से ही बाघिन गायब है. हालांकि, यह पहली बार नहीं था जब दोनों के बीच आपसी संघर्ष हुआ हो. इससे पहले भी कई बार ऐसा मामला सामने आ चुका है.
आखिरी बार बाघ के साथ देखी थी आरबीटी-2510
आरबीटी-2510 रणथंभौर की पेराफेरी पर रहने वाली बाघिन है. जो झूमर बावड़ी, फतेह कैफे, आमा घाटी ओर फलोदी क्षेत्र में विचरण करती थी. वह अक्सर बाघ आरबीटी-2407 के साथ देखी जाती है. उसका गायब होना भी वन विभाग को हैरान करने वाला है. आरबीटी-2407 की तलाश के लिए करीब 100 कैमरा ट्रैप बढ़ाए गए हैं. साथ ही कई दिनों की तलाश के बाद वन विभाग ने नए सिरे से योजना बनाई है. अब 5 टीमों का गठन किया गया है, जो 'ऑन फुट पेट्रोलिंग' कर रही है, ताकि बाघिन के पगमार्क के जरिए उसका पता लगाया जा सके.
55 आबादी वाले रिजर्व में 77 बाघ-बाघिन और शावक
वन विभाग का मानना है कि देश का सबसे सघन आबादी वाले टाइगर रिजर्व रणथंभौर में बाघों के बीच संघर्ष होना सामान्य प्रक्रिया है. बाघ-बाघिन की संख्या बढ़ने से आपसी संघर्ष भी बढ़ेगा. अनुमानित तौर पर 45 से 55 बाघों की क्षमता वाले इस रिजर्व में 77 से भी अधिक बाघ-बाघिन और शावक हैं.
