सतनाम पंथ के प्रणेता गुरु घासीदास को याद करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने, गुरु घासीदास के सूत्र वाक्य ‘मनखे मनखे एक समान’ का ज़िक्र करते हुए सरकार की योजनाओं का हवाला दिया और यह स्पष्ट किया कि, सरकार गुरु घासीदास के इस सूत्र वाक्य पर चल रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की योजनाएं वस्तुतः व्यक्ति मूलत हैं, छत्तीसगढ़ के हर नागरिक के लिए और योजनाएं की नागरिक तक पहुँच सुनिश्चित हो, इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा
विकास का मतलब पुल पुलिया सड़क बिल्डिंग नहीं है, विकास के मायने व्यक्ति मूलक विकास है, शिक्षा स्वास्थ्य रोज़गार यह वे काम है जो विकास के मायने है”
इसी संदर्भ के साथ छत्तीसगढ़ी में बोलते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल किया
लईका मन रिंगी चिंगी होंही त कईसे बढही छत्तीसगढ़”
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कुपोषण से लड़ाई का ज़िक्र कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण योजना का संदर्भ दिया। CM बघेल ने आह्वान किया –
“ज़मीनें सस्ती है, छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति पूरे देश में सबसे बेहतर है..छत्तीसगढ़ियों को आगे आकर इसका लाभ उठाना चाहिए, वे खुद उद्योग लगाएँ, उद्योगपति बनें”
