राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने ली दौसा की समीक्षा बैठक, टीबी और नशे पर सख्ती के निर्देश

जयपुर
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में टीबी की स्थिति, मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी लेते हुए टीबी मरीजों को समय पर पूरा उपचार मुहैया कराने, ‘नशा मुक्त दौसा’ बनाने के लिए नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने जिले में टीबी की स्थिति की समीक्षा करते हुए वर्तमान में टीबी से ग्रसित मरीजों की संख्या, उनकी औसत आयु और उपचार की स्थिति सहित विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त जिले का लक्ष्य रखते हुए टीबी के प्रत्येक मरीज को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने जिले में मादक पदार्थों के उपयोग एवं नशे की स्थिति की समीक्षा करते हुए ‘नशा मुक्त दौसा’ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ युवाओं के मन में नशे के प्रति नकारात्मक भावना विकसित की जाए। नशीले पदार्थों के स्रोतों को चिन्हित कर उन्हें बंद करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस मादक पदार्थों के स्रोत तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों को अपने कार्मिकों के स्तर पर भी नशा मुक्ति के लिए पहल करनी चाहिए। शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की उपलब्धता पूरी तरह रोकने के लिए संबंधित विभाग समन्वय से कार्रवाई करें। पुलिस नशे के नेटवर्क के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई करते हुए लगातार निगरानी एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे।

राज्यपाल ने जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ जिले में शिक्षा की स्थिति की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, शिक्षकों की उपलब्धता तथा विषयवार शिक्षकों की स्थिति सहित विभिन्न मानकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने और उसे आगे बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। जितने अधिक नागरिक शिक्षित होंगे, उतना ही देश मजबूत होगा। उन्होंने शिक्षकों से ‘मैं शिक्षक हूं’ की भावना को हमेशा अपने मन में रखते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे, ड्रॉपआउट न हो और किसी भी स्तर पर पढ़ाई बीच में न छूटे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नीट एवं जेईई में चयनित विद्यार्थियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

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