चंडीगढ़
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर सियासी तौर पर बेहद अहम रहने वाला है। प्रदेश में एक के बाद एक बड़े केंद्रीय नेताओं के दौरे से चुनावी माहौल गरमाने के आसार हैं।
नशे के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी की यात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पहुंचने की चर्चा है, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी 19 सितंबर के बाद पंजाब का दौरा कर सकते हैं।कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए सचिन पायलट को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में सितंबर पंजाब की सियासत में शक्ति प्रदर्शन और चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम होगा।
17 से भाजपा की चार यात्राएं
भाजपा 17 सितंबर से नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर चार यात्राएं आयोजित करेगी। इसकी शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कर सकते हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इसके समापन कार्यक्रम के दौरान जालंधर में शामिल होने की संभावना है।
दो यात्राएं मालवा क्षेत्र में होंगी जहां पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 69 हैं जबकि एक-एक यात्रा माझा और दोआबा क्षेत्रों में होगी। पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं जिसके लिए अभी से भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। इन यात्राओं में शाह के अलावा अन्य केंद्रीय मंत्रियों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है इसलिए चार यात्राओं के दौरान आधे से ज्यादा केंद्रीय मंत्रियों का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।
19 से गरजेंगे राहुल
इसी तरह 19 सितंबर के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी पंजाब आएंगे जो हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने जाएंगे। साथ ही वह पंजाब कांग्रेस की तरफ से आयोजित की जाने वाली यात्रा में भी शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार 150 किलोमीटर की यह यात्रा चार दिन चल सकती है। अमृतसर के बाद यह यात्रा करीब 20 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी जिसके जरिये पार्टी सूबे में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए काम करेगी।
कांग्रेस के नए प्रभारी भी आएंगे पंजाब
इसी तरह पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट भी अगले सप्ताह से पहले पंजाब आ सकते हैं जिनका कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। 7 और 8 सितंबर को पूर्व प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल का यहां आना तय था लेकिन इससे ठीक पहले ही कांग्रेस नेतृत्व ने प्रभारी बदल दिया। अब पार्टी जल्द पायलट का दौरा आयोजित करवाने की तैयारी कर रही है क्योंकि पंजाब कांग्रेस को पहले ही गुटबाजी का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत चन्नी के समर्थक इससे पहले खुलकर पार्टी कार्यक्रमों के दौरान चन्नी के समर्थन में आवाज बुलंद कर सकते हैं। अब पायलट के सामने प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म करने की बड़ी चुनौती है। इससे पहले राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही खींचतान के दौरान पंजाब से सुखजिंदर सिंह रंधावा को 2022 में राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था और अब जब पंजाब कांग्रेस के मौजूदा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सांसद चरणजीत चन्नी के बाद खींचतान की चर्चाओं का बाजार गर्म है तो सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
आप पंजाब ने भी बढ़ाई सूबे में गतिविधियां
आम आदमी पार्टी (आप) ने भी विधानसभा चुनाव से पहले गतिविधियां बढ़ा दी हैं। सीएम भगवंत सिंह मान खुद भी अलग-अलग हलकों में जाकर लोक मिलनी कर रहे हैं। साथ ही मंत्रियों और पार्टी के नेताओं को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले दिनों आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के भी प्रदेश में बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही है। इस तरह शिअद ने भी सभी हलकों में रैलियों और बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।
