चंडीगढ़.
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। पंजाब का प्रभारी बनाने के बाद राहुल और प्रियंका के साथ पायलट की पहली मुलाकात है। इसे पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि बैठक में पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, चुनावी रणनीति और पार्टी नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी पर भी चर्चा हुई। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के इसी महीने पंजाब दौरे पर आने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के दौरे से पहले सचिन पायलट अगले सप्ताह पंजाब और चंडीगढ़ पहुंचेंगे। अपने पहले दौरे के दौरान वह प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। पायलट की इस बैठक के बाद ही राहुल गांधी के पंजाब दौरे का कार्यक्रम अंतिम रूप लेने की संभावना है। राहुल गांधी के सितंबर के अंत में पंजाब आने की संभावना जताई जा रही है। पायलट के पंजाब दौरे का कार्यक्रम अगले दो-तीन दिनों में अंतिम हो सकता है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी सोमवार को नई दिल्ली में पायलट से मुलाकात कर चुके हैं। वड़िंग ने भी कहा था कि पायलट का पंजाब दौरा करीब एक सप्ताह के भीतर प्रस्तावित है।
गुटबाजी खत्म करना पायलट के सामने बड़ी चुनौती
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई है। प्रदेश कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच राजनीतिक मतभेद लगातार चर्चा में रहे हैं। करीब दो महीने पहले कांग्रेस हाईकमान की ओर से विधानसभा चुनाव से जुड़ी समितियों के गठन के बाद चन्नी और उनके समर्थक विधायकों-सांसदों ने वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। वड़िंग को प्रदेश प्रधान पद से हटाने की मांग भी उठी थी।
इसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी सौंपते हुए सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया। अब पायलट के सामने विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस के विभिन्न धड़ों के बीच समन्वय कायम करने की चुनौती है। ऐसे में राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले पायलट का प्रदेश में पहुंचकर नेताओं के साथ बैठक करना संगठनात्मक रूप से अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि राहुल गांधी के दौरे से पहले पंजाब कांग्रेस में आपसी तालमेल और चुनावी तैयारियों को लेकर स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए।
