मॉस्को
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 23वें वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के मुख्य सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं। वे ऐसे सुझाव लेकर आते हैं, जो दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य हैं। वे इस झगड़े को शांति से और जल्द सुलझाना चाहते हैं।
रूसी समाचार एजेंसी 'टास' की रिपोर्ट के अनुसार, वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के 23वें सत्र में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं। उन्होंने कहा, “वह बहुत अच्छे सुझाव देते हैं, जिनका मकसद ऐसे समाधान तलाशना होता है जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों, खास तौर पर ऐसे समाधान जिन पर दोनों पक्ष सहमत हो सकें।”
न्यूज एजेंसी टास के अनुसार, पुतिन ने कहा कि भारत सरकार के प्रमुख का रुख निष्पक्ष है, लेकिन उनकी कोशिश इस संघर्ष को खत्म कराने की दिशा में है।
उन्होंने आगे कहा, “हम भारत के प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि वह इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से और जितनी जल्दी हो सके, सुलझाना चाहते हैं।”
टास के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता बेहद सराहनीय बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कुछ ऐसा है जो इसे बेहद खास बनाता है। यहां एक तरफ इतनी विविधता और अलग-अलग पहचान हैं, तो दूसरी तरफ एकता भी है। इस वजह से यह निश्चित रूप से एक मिसाल है और दूसरों के लिए उदाहरण बनने लायक है।
सत्र के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए जोखिमों, मौकों और जरूरी लक्ष्यों का वास्तविकता के आधार पर आकलन करते हुए अपना रास्ता तय करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से रूस दूसरे देशों और वहां के लोगों के साथ मिलकर भी इस दिशा में काम करने के लिए तैयार है।
सत्र के दौरान पुतिन ने कहा कि मौजूदा समस्याओं के बावजूद रूस का विकास जारी है और उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत और टिकाऊ बनी हुई है।
उन्होंने कहा, “हमारे सामने कुछ मुश्किलें जरूर हैं, लेकिन हम उनका समाधान कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े आंकड़े दिखाते हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है और हमारी वित्तीय व्यवस्था और आर्थिक संस्थाएं स्थिर तरीके से काम कर रही हैं।”
