रायपुर : राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद में आयोजित राज्य स्तरीय आंकलन और प्रश्न पत्र निर्माण की कार्यशाला में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी ने कक्षा और विषयवार प्रश्न पत्र निर्माण के रूब्रिक्स के चारों स्तरों का अवलोकन किया और मार्गदर्शन दिया।
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग ने कार्यशाला में उपस्थित प्राचार्य शिक्षा महाविद्यालय रायपुर, सभी डाइट के प्राचार्य और विषय विशेषज्ञों से कहा कि समझने की बात यह है कि प्रश्न पत्र पाठ्यक्रम के आधार पर बनाए जाए। प्रश्न पत्रों का निर्माण ऐसा हो कि विद्यार्थी उसे बेहतर समझ सके। कक्षा में विद्यार्थी पाठ्य सामग्री को बेहतर समझ तो लेते है लेकिन परीक्षा में उसे ठीक से व्यक्त नहीं कर पातें, हमें उसका कारण जानकर सुधार करना होगा। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कार्य है इस कार्य को विद्यार्थियों के स्तर और उनकी मानसिकता को ध्यान में रखकर कार्य करेंगे तो हम अपने उद्देश्य में सफल हो सकेंगे।
शिक्षक जो पाठ पढ़ा रहे हैं, उसकी अतिरिक्त पाठ्य सामग्री कक्षा में पढ़ाने की विधि, उसके लर्निंग आउटकम, आब्जेक्टिव और उसका आंकलन विद्यार्थी कर पा रहा है कि नहीं, यदि नहीं कर पा रहा है तो हमारे पढ़ाने में कोई कमी है। उसको शिक्षकों को समझकर पढ़ाने की प्रक्रिया में परिवर्तन आवश्यकता के अनुसार करना पड़ेगा।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि इस सब गतिविधियों को अलग-अलग न समझें, यह एक ही गतिविधि के अलग-अलग अंग है। इन सब गतिविधियों को सही तरीके से सुदृढ़ करना होगा, ताकि राज्य स्तरीय आंकलन का जो उद्देश्य है वह पूरा हो सके। प्रश्न पत्र निर्माण में रूब्रिक्स-कक्षा और विषय अनुसार विद्यार्थियों के स्तर अनुसार बनाए जा रहे है। इसी प्रकार प्रत्येक कक्षा और विषयवार प्रश्न पत्र निर्माण कार्य का विस्तार करना होगा।
