चंडीगढ़.
मोहाली में व्यावसायिक साइट के लिए दिल्ली की कंपनी रेमिगेट बिल्डेस्टेट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को दी गई करीब 40 करोड़ रुपये की छूट रद कर दी गई है। कंपनी को अब ब्याज और जुर्माने समेत बकाया चुकाना होगा।
पंजाब के आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विकास गर्ग ने 15 अक्टूबर को जारी रिवीजन आदेश में कहा कि गमाडा के अपीलीय प्राधिकरण सह अतिरिक्त मुख्य प्रशासक अमरिंदर सिंह मल्ही ने कंपनी को राहत देते समय निर्माण संबंधी महत्वपूर्ण मंजूरियों को नजरअंदाज किया था।
FIR की तैयारी
मोहाली में जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं और बिल्डर को करीब 57 करोड़ रुपये की देनदारी में राहत देने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गमाडा (ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी) के वरिष्ठ अधिकारियों और दिल्ली की कंपनी रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के लिए पंजाब पुलिस से संपर्क किया है। मामला सेक्टर-62 में 1.13 एकड़ की फूड कोर्ट साइट से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, ईडी की कार्रवाई गमाडा के मुख्य अभियंता अजय गर्ग के बयान और जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों पर आधारित है। अजय गर्ग से अगस्त में पूछताछ की गई थी। एजेंसी उस प्रक्रिया की जांच कर रही है, जिसके तहत कंपनी को बकाया राशि में छूट दी गई थी। यह छूट मुख्य सचिव-कम-चेयरमैन केएपी सिन्हा की अध्यक्षता में हुई गमाडा की बैठक में मंजूर की गई थी।
