तीसरी बार भी आएंगे, बिना रुके नौजवानों को देते रहेंगे नौकरियां: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

दीपावली से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों को वितरित किए नियुक्ति पत्र

भर्ती में न सिफारिश चली, न लेनदेन, मेरिट से चुने गए 4,543 उपनिरीक्षक: मुख्यमंत्री

नौकरी का सिलसिला जारी रहेगा, छह महीने में एक लाख और युवाओं को देंगे नियुक्ति पत्र: मुख्यमंत्री

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को सरकारी नौकरी देने और नियुक्ति पत्र वितरित करने का सिलसिला बिना रुके जारी रहेगा। दीपावली के बाद भैया दूज के अगले दिन राजस्व विभाग के 1,200 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके बाद होमगार्ड, पुलिस और शिक्षा विभाग के चयनित युवाओं को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वह तीसरी बार भी आएंगे और युवाओं को नियुक्ति पत्र देने के कार्यक्रम आगे बढ़ाएंगे।

दीपावली से पहले धनतेरस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन्स, लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस के 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को अवसर देने के अपने कर्तव्य का लगातार निर्वहन करेगी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण का यह अभियान बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके आगे बढ़ेगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की प्रतिभा को अवसर देना और युवाओं की ऊर्जा का लाभ उत्तर प्रदेश की समृद्धि के लिए उठाना है।

भैया दूज के बाद राजस्व विभाग से शुरू होगा अगला चरण
मुख्यमंत्री ने आगामी नियुक्तियों का विवरण देते हुए बताया कि दीपावली के बाद भैया दूज के अगले दिन राजस्व विभाग के 1,200 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से होमगार्ड भर्ती की प्रक्रिया पूरी की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में 32 हजार कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फिलहाल अभ्यर्थियों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। वहीं, करीब 25 हजार शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण के लिए समय मांगा गया है। सरकार उन्हें भी नियुक्ति पत्र देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेगी।

तीसरी बार भी आएंगे, चलता रहेगा नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला यहीं नहीं थमेगा। आगामी कार्यक्रमों में भी युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि तीसरी बार भी नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और उस अवसर पर भी युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

युवाओं को अवसर देना सरकार का कर्तव्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज या व्यवस्था का भविष्य तभी सुरक्षित हो सकता है, जब वह अपने युवाओं की प्रतिभा का सम्मान करे और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए। जो समाज अपने युवाओं की उपेक्षा करता है, उसका कोई भविष्य नहीं हो सकता। युवाओं को अपनी क्षमता साबित करने के लिए मंच और अवसर देना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण सरकार की कृपा या अनुकंपा नहीं है। यह सरकार का कर्तव्य है, जिसका निर्वहन पारदर्शी और ईमानदार तरीके से किया जा रहा है। जब चयन की प्रक्रिया निष्पक्ष होती है तो उसके परिणाम भी सकारात्मक दिखाई देते हैं। प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिलना नए उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण पहचान है।

साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को मिली नौकरी, गिनाए आंकड़े
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.26 लाख से अधिक पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों की भर्ती की गई है। विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं की संख्या 9.5 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने हाल के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बताया कि 25 अगस्त को कृषि विभाग के 3,572 अधिकारियों, 19 सितंबर को 818 अभ्यर्थियों, 20 सितंबर को पुलिस विभाग के 912 अभ्यर्थियों, 22 सितंबर को शिक्षा विभाग के 3,567 अभ्यर्थियों और 28 सितंबर को पंचायती राज विभाग के 1,375 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।

इसी क्रम में 8 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश पुलिस में 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, जबकि 5 नवंबर को 28 फॉरेंसिक साइंटिस्ट को नियुक्ति पत्र दिए गए। अब 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में भी अलग-अलग विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

पारदर्शी भर्ती से टूटा सैफई सिंडिकेट का दौर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती थीं। कई मामलों में आवेदन करने वाला व्यक्ति कोई और होता था, परीक्षा में बैठने वाला कोई और और नियुक्ति किसी अन्य व्यक्ति को मिल जाती थी। ऐसी कई भर्तियों से जुड़े मामले आज भी न्यायालय में लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने दोटूक कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में नियुक्तियों का मतलब केवल 'सैफई सिंडिकेट' हुआ करता था। पारदर्शी और ईमानदारी से भर्ती होना प्रदेश के युवाओं के लिए एक दिवास्वप्न था।

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