तिरुवनतंपुरत: केरल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. 35 साल की महिला पर अपने ही 14 साल के बेटे के साथ यौन गतिविधियों, यौन उत्पीड़न (Sexual Harassments) का आरोप लगा है. कई दिनों की जेल के बाद महिला को जमानत मिल गई है. महिला ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है. महिला ने कहा कि वह बेगुनाह है.
मामला केरल के कडक्कावूर का है. आरोपी महिला आज चेहरा ढँक कर मीडिया के सामने आई और कहा कि यह आरोप अलग हो चुके पति और उसकी दूसरी पत्नी ने लगाया है. सच सामने आएगा. बेटे को उसके पिता ने मेरे खिलाफ बयान देने के लिए धमकाया था. यह मामला झूठा है. महिला ने कहा, ‘मैं निर्दोष हूं. मेरा बेटा कभी ऐसी शिकायत नहीं कर सकता.’
बता दें कि है कि महिला को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (पॉक्सो) के तहत गिरफ्तार किया गया था और केरल उच्च न्यायालय (Kerala High Court) ने उसे जमानत दी है. अदालत (Court) ने टिप्पणी की कि आरोपी महिला के खिलाफ गंभीर आरोप हैं जो पहले संभवत: नहीं सुने गए. अदालत ने इसके साथ ही राज्य पुलिस को संभव हो सके तो महिला IPS अधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया
बता दें कि कडक्कावूर के नजदीक रहने वाली महिला को गत वर्ष 28 दिसंबर को बच्चे का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. महिला पर आरोप है कि उसने 10 साल की उम्र से दिसंबर 2019 तक बेटे का यौन उत्पीड़न तब तक किया जब तक कि वह शारजाह पिता के पास नहीं चला गया. बच्चे की कांउसलिंग करने वाले बाल कल्याण समिति के अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. महिला का आरोप है कि उसके खिलाफ पॉक्सो के तहत मामला पिता द्वारा बदले की कार्रवाई के तहत दर्ज कराया गया क्योंकि उसने पारिवार अदालत में अपने चार बच्चों का संरक्षण और गुजारे भत्ते के लिए वाद दाखिल किया है.
