रायपुर : विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विकासखंड मुख्यालय अभनपुर के बजरंग दास शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने कहा, आत्महत्या क्षणिक आवेश में लिया गया अनुचित निर्णय है। आत्महत्या का कदम उठाने के अनेक कारण हो सकते हैं। लेकिन इससे पीडि़त परिवार को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रुप से जो क्षति होती है वह उनकों जीवनभर तकलीफ देती है। विधायक श्री साहू ने बताया विगत 3 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों की आत्मयहत्याओं के मामले ज्यादा सामने आए हैं। हर साल लगभग 3000 किसानों के आत्महत्या के मामले दर्ज हुए हैं जिसमें ज्यादातर मामले निम्न आय वर्ग के मजदूर और किसानों के हैं। उन्होंने कहा कि परिवार में किसी भी तरह के मानसिक तनाव से जुझ रहे लोगों का समय रहते इलाज कराने से ही आत्महत्या की घटना को रोकने में कामयाबी मिल सकती है। राज्य सरकार ने किसानों का कर्ज मुक्ति अभियान चलाकर कृषि ऋण को माफ किया है जिससे कर्ज के बोझ से होने वाली आात्महत्याओं के दर में कमी लायी जा सके। प्रदेश में मनोरोगियों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य स्तरीय मानसिक स्वाथ्य चिकित्सालय सेंदरी बिलासपुर में एवं प्रत्येक जिले में जिला स्तर पर स्पर्श क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। 
कार्यक्रम में सहायक चिकित्सा अधिकारी एवं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. डीएस परिहार ने कहा, मानसिक विकारों से विद्यार्थी जीवन में होने वाले नकारात्मक, उदासीन एवं चिड़चिड़ापन स्वाभाव से किशोर अवस्था में विद्यार्थी मन अपराध की ओर बढ़ता है जो आत्महत्या का कारण भी बन सकता है। उन्होंने कहा कि योग से मानसिक शांति मिलती है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और मनोरोग विज्ञान संस्थान में किये गए अनुसंधान से भी पता चला है कि योग से अवसाद ग्रस्त रोगियों के व्यवहार में परिवर्तन, सहानुभूतिपूर्ण लहजे में बढोत्तरी, कोर्टिसोल स्तर में कमी और न्यू्रो इनफ़लेमेशन में गिरावट जैसे प्रभाव देखे गए हैं। डॉ परिहार ने बताया, कुछ मानसिक विकारों से ग्रस्त लोगों जैसे – सिजोफ्रेनिया के रोगियों में योगाभ्याास से रोगी के समाजीकरण, उन्हें विभिन्न् गतिविधियों के लिए उत्प्रे्रित करने एवं व्यावसायिक गतिविधियों में लगाने से मानसिक स्वस्थ्य में सुधार होता है।
उन्होंने कहा जीवन में जामवंत जैसे अच्छे मित्र का चयन करना चाहिए। जो विपरित परिस्थितियों से लड़ने के लिए जीवन कौशल एवं उसकी ऊर्जा शक्ति और साहस के बारे में ज्ञान दे सके। डॉ परिहार ने छात्रों को बताया कि जीवन में सफलता और असफलताओं से हमें सबक लेकर आगे बढ़ना चाहिए। कुछ सपनों के टूट जाने से जीवन समाप्तऔ नहीं होता है। तन आपका है- मन आपका है। इसमें हजारों नए सपनों को संजोने में अपनी ऊर्जा को लगाएं।
अभनपुर थाना प्रभारी बोधन लाल साहू ने हाल के दिनों में होने वाले मौत की घटनाओं के बारे में बताया कि जिस परिवार से कमाने वाले की मौत हो जाती है। इससे उनके पीछे छोड़ गए परिवार और समाज को ही तकलीफ होती है। मन में आने वाले नकारात्मक भाव को उचित समाधान से निपटारा किया जा सकता है। आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उक्त कार्यक्रम में प्राचार्य श्री मंडावी, शाला विकास समिति के अध्यक्ष डोमन साहू स्थानीय पार्षद सपन पांडे, उत्रसेन, आशीष अग्रवाल, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट निरुपमा सिंह, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम राकेश यादव सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं एवं शाला के शिक्षकगण भी उपस्थित रहें।
