असुरक्षित यौन संबंध के कारण ऐसे बहुत से रोग हो जाते हैं, जो आपके जीवन को तबाह कर सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपका शरीर इन बीमारियों के होने पर आपको संकेत देता है कि आपको अब जाग जाना चाहिए और इलाज के लिए जाना चाहिए। जी हां, अगर आप यौन संचारित रोग का शिकार होते हैं तो आपकी स्किन पर कुछ अलग प्रकार के निशान उभरने लगते हैं। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप आसानी से स्किन पर होने वाले इन रैशेज से एसटीडी रोगों का पता लगा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे आप पता लगा सकते हैं।
जेनिटल वॉर्ट (एचपीवी)
सेक्शुअल डिजीज से पीड़ित होने के लिए आपको सेक्स करने की जरूरत नहीं है। सिर्फ और सिर्फ स्किन के संपर्क में आने से भी एचपीवी फैल सकता है। ये वायरस परिवार का वो सदस्य है, जो जेनिटल वार्ट का कारण बनता है। कुछ प्रकार के वायरस वार्ट का कारण बनते हैं, जो आमतौर पर हानिकारक नहीं होते हैं लेकिन बहुत से वार्ट या फिर एनल कैंसर का कारण बन सकते हैं। इस खतरनाक प्रकार के कैंसर को रोकने के लिए वैक्सीन लगाई जाती है।
इसके लक्षणः स्किन पर गोभी जैसी आकृति का गुलाबी या फिर लाल रंग का वार्ट। आमतौर पर इसका कोई लक्षण नहीं होता है।
जूं जैसा निशान
आपने अपने बालों में कभी न कभी जूं को देखा होगा। एसटीडी का शिकार होने पर आपके प्राइवेट पार्ट के आस-पास इस तरह की आकृति दिखाई देने लगती है। ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में करीबी संपर्क के कारण फैलती है। हालांकि इस समस्या को मेडिकल शॉप से लोशन के जरिए ठीक किया जा सकता है।
इसके लक्षण
तेज खुजली, जननांग पर छोटे-छोटे दाने
