चमोली: उत्तराखंड आपदा में लापता हुए लगभग 170 लोगों में से मंगलवार को रैनी गांव में मलबे से तीन और शव बरामद किए गए। बचाव दल एक बिजली परियोजना स्थल पर सुरंग में फंसे लगभग 30 श्रमिकों को बचाने के लिए मलबे को हटाने के काम में लगी हुई है। रेस्क्यू टीम टनल के 120 मीटर अंदर तक पहुंच गई है।
DGP अशोक कुमार ने बताया कि मलबे में से दो शव और बरामद हुए हैं, तीसरा शव दिख रहा है तो इस तरह अब तक कुल 29 शव बरामद हो चुके हैं।
उत्तराखंड के चमोली में तपोवन सुरंग पर बचाव आज तीसरे दिन भी जारी है। जोशीमठ में एक ग्लेशियर के टूटने और ऋषिगंगा और धौली गंगा नदियों में बह जाने से रविवार तड़के जिले में भारी तबाही हुई। हरियाणा के सीएम एमएल खट्टर ने कहा कि उत्तराखंड राहत कार्यों के लिए राज्य सीएमआरएफ से 11 करोड़ रुपये दान करेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चमोली ज़िले में ग्लेशियर टूटने से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यहां राशन का कोई अभाव नहीं है, डॉक्टरों की टीम काम कर रही है। रैणी गांव में दो लोगों के घर आपदा में ध्वस्त हुए हैं मैंने ज़िलाधिकारी से कहा है कि उन लोगों के घर बनाए जा सकते हैं।
सीएम रावत ने कहा, ‘टनल में क़रीब 35 श्रमिक फंसे हैं, उनके लिए ड्रिल करके टनल में रस्सी लगाने की कोशिश की जा रही है। इसकी सफलता में अभी थोड़ा समय लगेगा लेकिन इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का सुबह फोन आया था, प्रधानमंत्री लगातार यहां का अपडेट ले रहे हैं।’
केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने कहा कि उस परियोजना के 93 श्रमिक अभी लापता हैं। हमें लगता है, वे बचे नहीं हैं। 49 लोग अभी भी सुरंग में फंसे हुए हैं। हमारी परियोजनाएं जहां हैं हर जगह अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाएंगे। मारे गए श्रमिकों के परिवार को 20-20 लाख रुपये देने को कहा गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी जोशीमठ के तपोवन टनल में चल रहे राहत और बचाव अभियान का जायज़ा लेने के लिए जोशीमठ पहुंचे।
