स्कूलों में कोरोना संक्रमण की खबर पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का बयान आया है। स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि स्कूल खुलने के बाद संक्रमण की आशंका थी, इसके बावजूद भी स्कूलों को खोला गया, क्योंकि लगातार ये बातें सामने आ रही थी कि बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि ”
ये रिस्क है, लेकिन सोच समझकर ये रिस्क लिया गया, कि ऐसा हो सकता है, लेकिन क्या करें, एक तरफ कहा जा रहा है बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, दूसरी तरफ कोरोना के संक्रमण की बात है, इस बीच एक कठिन निर्णय कैबिनेट ने लिया, कि 9वीं, 10वीं. 11वीं, 12वीं का चालू किया जाये, वो भी स्वैच्छिक, कि माता-पिता अगर रिश्क महसूस नहीं करते हैं तो बच्चों को भेज सकते हैं, नहीं भेजने में भी सरकार पर ये दवाब था कि बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही है, भेजने में भी दवाब था कि संक्रमण फैल रहा है, इनसब के बीच बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए, निर्णय लिया गया। ऐहितियात के अलावा इस परिस्थिति में कोई और विकल्प नहीं है”
स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा है कि सभी शिक्षकों का कोरोना टेस्ट कराया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि….
