पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पत्नी और कोटा से विधायक रेणु जोगी को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ अपना CM कैंडिडेट बना रही है। आज रायपुर में इसकी औपचारिक घाेषणा कर दी गई। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने प्रदेश की सत्ता पर कब्जे के लिए एक साल का कार्यक्रम पेश किया। उन्होंने चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन के लिए 29 अप्रैल 2022 को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में “महारैला” की घोषणा की। इस समय जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सिर्फ 4 विधायक हैं और उसमें भी दो विधायक पार्टी के कार्यक्रमों में कभी नहीं दिखते चुनाव से पहले उनके कांग्रेस में शामिल होने की खबरें भी चल रही हैं।
रायपुर स्थित निवास पर प्रेस से बात करते हुए अमित जोगी ने कहा, छत्तीसगढ़ में अब खेला होगा। जिस प्रकार बंगाल में ममता दीदी ने सरकार बनाई वैसे ही छत्तीसगढ़ में ममतामयी मां यानी रेणु जोगी सरकार बनाएंगी। उन्होंने कहा, 29 अप्रैल 2022 को पार्टी के संस्थापक अजीत जोगी के जन्म दिवस पर छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक साइंस कॉलेज मैदान में महारैला होगा। इसमें देश भर के गैर भाजपा-गैर कांग्रेस दलों के राष्ट्रीय नेताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा।
2018 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 25 अगस्त को अजीत जाेगी ने भी साइंस कॉलेज मैदान में महारैली कर शक्ति प्रदर्शन किया था। अमित जोगी ने कहा, आयाराम-गयाराम और आराम बहुत हो चुका। अब 20-20 का निर्णायक मैच खेलने का समय आ गया है। एक तरफ परदेसियों की टीम खेलेगी और उसके मुकाबले में छत्तीसगढ़ियों की टीम बैटिंग करेगी। पहले ओवर में ही हमारे बल्लेबाज एक के बाद एक 6 छक्के मारने के लिए तैयार हैं।
चुनाव से पहले संघर्ष का कार्यक्रम
- जून-जुलाई 2021 में सदस्यता अभियान चलेगा। युवाओं, किसानों और महिलाओं को जोड़ने पर विशेष जोर। छात्र संघ और युवा मोर्चा संयुक्त रूप से सभी बड़े कॉलेजों में हेल्प-डेस्क लगाएंगे। ज़िला और ब्लॉक इकाई खेतों में बोवाई, निंदाई और रोपाई में श्रमदान करेंगे।
- अगस्त-सितम्बर 2021 में ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ सिद्धांतों के तहत एक दिन का प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण का आयोजन ज़िला अध्यक्ष करेंगे।
- अक्तूबर-नवम्बर 2021 ‘छत्तीसगढ़ अधिकार यात्रा’ की पुनरावृत्ति हाेगी। इसके जरिए कांग्रेस और भाजपा को घेरने की कोशिश होगी। अधिकार यात्रा ब्लॉक समिति करेगी।
- जनवरी-फरवरी 2022 में स्थानीय लोगों को 100% नौकरी देने की माग लेकर सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों, उद्योगों और व्यवसायों का चयनित ‘सत्याग्रहियों’ द्वारा घेराव और तालाबंदी होगी। जरूरत पड़ने पर सत्याग्रही अपनी गिरफ्तारी भी देंगे।
- फरवरी 2022 में सभी सरकारी शराब दुकानों का चयनित ‘महिला सत्याग्रहियों’ द्वारा घेराव किया जाएगा। ज़रूरत पड़ने पर वे सभी अपनी गिरफ्तारी भी देंगी।
पहले 5 थे अब 4 विधायक हैं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के
प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने अपना पहला विधानसभा चुनाव 2018 में लड़ा था। इस चुनाव में उसका गठबंधन बसपा था। चुनाव के जब नतीजे आए तो जनता कांग्रेस के 5 और बहुजन समाज पार्टी के 2 विधायक जीते। इसमें पार्टी प्रमुख अजीत जोगी, उनकी पत्नी डाक्टर रेणु जोगी, धरमजीत सिंह, देवव्रत सिंह और प्रमोद शर्मा थे। अजीत जोगी के निधन के बाद मरवाही उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुए। इस तरह जनता कांग्रेस के पास मात्र 4 विधायक बच गए। इन चार विधायकों में से दो देवव्रत सिंह और प्रमोद शर्मा कांग्रेस में वापसी की इच्छा जता चुके हैं। दोनों ने सार्वजनिक रूप से चुनाव से पहले कांग्रेस में जाने की बात कही है। दलबदल कानून के कारण ये फिलहाल जनता कांग्रेस में ही बने हुए हैं, लेकिन पार्टी से कोई मतलब नहीं रखते हैं। पार्टी में सक्रिय रूप से महज दो विधायक डाक्टर रेणु जोगी और धरमजीत सिंह ही हैं।
भाजपा पर भी हमलावर हुए
अमित जोगी ने भाजपा पर विपक्ष की भूमिका नहीं निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कोरोना काल में जहां भाजपा नौटंकी कर रही है, वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जनता की आवाज बुलंद कर मुख्य विपक्ष की भूमिका निभा रहा है। सिलगेर गोलीकांड, धरमपुरा जैतखम्भ और नर्सिंग विद्यार्थियों की परीक्षा की लड़ाई जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने लड़ी और सरकार को झुकने पर मजबूर किया। पार्टी, लंबित शिक्षक और पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों की आवाज लगातार उठा रही है। वहीं भाजपा को इन मुद्दों से कोई लेना देना नहीं है।
