नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) पैकेज के चलते आए बदलावों की जानकारी दी है. ‘विश्वास ओर प्रोत्साहन’ शीर्षक के साथ लिंक्डइन (LinkedIn) पर प्रकाशित ब्लॉग में उन्होंने बताया है कि पैकेज में शामिल चार सुधारों ने किस तरह लोगों की मदद की है. सरकार ने बीते साल कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के असर को कम करने के लिए राहत पैकेज की घोषणा की थी.
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड
पीएम मोदी ने लिखा कि इस पहले सुधार में राज्य सरकारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन कार्डों को घर के सभी सदस्यों के आधार कार्ड से जोड़ने की जरूरत थी. पीएम के मुताबिक, इसका सबसे बड़ा फायदा यह था कि प्रवासी मजदूर देश में कहीं से भी राशन प्राप्त कर सकते थे. साथ ही इसके चलते नकली कार्ड और फर्जी नंबरों की परेशानी से निपटने में भी मदद मिलती. 17 राज्यों ने इस सुधार को पूरा किया और 37 हजार 600 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई.
कारोबार में आसानी
पीएम ने लिखा इस दूसरे सुधार में राज्यों को व्यवसाय से जुड़े लाइंसेंस के रिन्यू करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटोमैटिक करने के लिए कहा गया था. साथ ही इस प्रक्रिया में मामूली भुगतान की बात शामिल थी. भ्रष्टाचार और उत्पीड़न को खत्म करने के लिए कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम को लागू किए जाने की जरूरत थी. इस बदलाव में 19 कानून शामिल थे, जो छोटे और लघु उद्योगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हैं. इसके अलावा इनके जरिए निवेश और कारोबार की रफ्तार को बढ़ाने में मदद मिली है. बीस राज्यों ने इस सुधार प्रक्रिया को पूरा कर लिया है.
संपत्ति कर, पानी और सीवेज के शुल्कों की जानकारी
पीएम मोदी ने लिखा कि इस तीसरे बदलाव के तहत शहरी गरीब, मध्यम वर्गीय परिवारों को बेहतर सेवाएं दिया जाना था. उन्होंने कहा है कि यह बदवाल शहरी इलाकों में रहने वाले गरीबों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगा. साथ ही यह देर से भुगतान की परेशानी का सामना करने वाले नगरपालिका कर्मचारियों की भी मदद करेगा. इन सुधारों को पूरा करने वाले 11 राज्यों को 15,957 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दी गई.
डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT)
पीएम ने लिखा कि इस चौथे और अंतिम सुधार से जीडीपी का 0.15 फीसदी जुड़ा हुआ है. वित्तीय और तकनीकी नुकसान को कम करने के अलावा इसके जरिए वितरण कंपनियों के आर्थिक हालात बेहतर हुए, जल और ऊर्जा संरक्षण बेहतर हुआ और साथ ही सेवा में भी सुधार हुआ है. उन्होंने जानकारी दी कि कुल 23 राज्यों को 1.06 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर मिला.
