मन की बात में बोले PM मोदी- ‘एक जुलाई को मनाया जाएगा नेशनल डॉक्टर्स डे ‘

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए आज देश की जनता को संबोधित किया। ऐसे में इस दौरान सबसे पहले PM मोदी ने सरदार मिल्खा सिंह को याद किया। वही उसके बाद उन्होंने कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में टीकाकरण को जरूरी बताया। इसी के साथ ही उन्होंने मानसून और जल संरक्षण की बात कही और जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि, ”बादल सिर्फ हमारे लिए नहीं, आनेवाली पीढ़ी के लिए भी बरसते हैं।” इसी के साथ उन्होंने मन की बात में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि, ”एक जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाएगा।”

इसी के साथ उन्होंने कहा कि, ”मिल्खा सिंह का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है। कुछ दिन पहले कोरोना ने प्रसिद्ध एथलीट मिल्खा सिंह को हमसे छीन लिया। जब वे अस्पताल में थे, तो मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था। मिल्खा सिंह से बात करते हुए मैंने उनसे आग्रह ​किया था कि आपने तो 1964 में टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था इसलिए इस बार जब हमारे खिलाड़ी ओलंपिक के लिए टोक्यो जा रहे हैं तो आपको हमारे एथलीट का मनोबल बढ़ाना है।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि, ”टोक्यो जा रहे हर खिलाड़ी का अपना संघर्ष रहा है, बरसों की मेहनत रही है। वो सिर्फ अपने लिए ही नहीं जा रहे हैं बल्कि देश के लिए जा रहे हैं। इन खिलाडियों को भारत का गौरव भी बढ़ाना है और लोगों का दिल भी जीतना है।”

इसी के साथ PM Modi ने यह भी कहा कि, ”एक जुलाई को हम राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाएंगे। इस दिन देश के महान चिकित्सक और स्टेट्समैन डॉक्टर बीसी राय की जन्म-जयंती को समर्पित है। कोरोना-काल में डॉक्टरों के योगदान के हम सब आभारी हैं। हमारे डॉक्टर्स ने अपनी जान की परवाह न करते हुए हमारी सेवा की है।” इसके अलावा उन्होंने कहा, ”एक साल पहले सबके समाने सवाल था कि वैक्सीन कब आएगी? आज हम एक दिन में लाखों लोगों को मेड इन इंडिया वैक्सीन मुफ्त में लगा रहे हैं। यही तो नए भारत की नई ताकत है। कोरोना के खिलाफ हम देशवासियों की लड़ाई जारी है, 21 जून को वैक्सीन अभियान के अगले चरण की शुरुआत हुई और उसी दिन देश ने 86 लाख से ज़्यादा लोगों को मुफ्त वैक्सीन लगाने का रिकॉर्ड भी बना दिया।।वो भी एक दिन में।”

आगे पीएम मोदी ने जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि, ”देश में अब मानसून का सीजन भी आ गया है। बादल जब बरसते हैं तो केवल हमारे लिए ही नहीं बरसते बल्कि बादल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बरसते हैं। बारिश का पानी जमीन में जाकर इकठ्ठा होता है,जमीन के जलस्तर को भी सुधारता है इसलिए मैं जल सरंक्षण को देश सेवा का एक ही रूप मानता हूं।”

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