रायपुर : स्वास्थ्य विभाग की ओर से विश्व रेबीज दिवस को इस वर्ष थीम ‘’वैक्सीनेट टू एलिमिनेट“ पर फोकस करते हुए लोगों में जागरुकता लाने के लिए अलग-अलग आयोजन किया गया। राजधानी के पंडरी स्थित जिला अस्पताल में विश्व रेबीज दिवस को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला अस्पताल के अलावा सभी विकासखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में जागरुकता शिविर लगाया गया। वहीं स्कूलों में रेबीज के संक्रमण से बचाव के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की ओर से की गई गतिविधियों में मुख्यत: रैबीज विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला पशु चिकित्सालय ओसीएम चौक में पालतू जानवरों कुत्तों व बिल्लीयों को रैबिस का वैक्सीनेशन लगाया गया व जागरुकता के लिए जानकारियां भी दी गई। सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय जैन ने बताया सुबह से ही पालतू जानवरों के मालिक रेबीज के टीकाकरण के लिए अस्पताल पहुंचे शाम तक लगभग 50 से ज्यादा जानवरों को टीकाकरण किया गया।
जिले के शासकीय स्कूलों में बच्चों द्वारा रेबीज विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता व स्कूली बच्चों में रेबीज के बारे में जानकारी देना तथा पाम्पलेट, पोस्टर, होडिंग के माध्यम से जागरुकता आदि शामिल है। कार्यक्रम में मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीरा बघेल ने बताया रेबीज से बचाव के लिए लोगों को जब की कोई जानवर काटने या चाटने पर ऐसे प्रभावित अंगों को साबून से साफ कर तत्काल अस्पताल जाकर इंजेक्शन लगाए़। कोई की समय रहते इलाज होने पर रेबीज के वायरस से बचा जा सकता है। लोगों को किसी भी तरह से लापरवाही से बचते हुए अंधविश्वास और टोटके पर नहीं जाना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में रेबीज के वैक्सीन उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने बताया प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी पालतू कुत्तों का टीकाकरण किया गया। यानी समय पर बीमारी के रोकथाम ही बचाव का तरीका है। जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे । विश्व रेबीज दिवस यानी 28 सितंबर को ‘’रेबीज से बचाव व प्रबंधन “ विषय पर एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यरुप से सिविल सर्जन डॉ रवि तिवारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉएसके सिंहा, पशु चिकित्सक डॉ विनय पाठक, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट नितिश परगनिहा , हास्पिटल कंसलटेट नीरज ओझा व अन्य स्टाफ उपस्थित रहें।
