रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा स्पीकर चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के मानसून सत्र के पूर्व सभी विधायकों से अनिवार्य रूप से कोविड टीकाकरण कराने के लिए पत्र भेजा है. छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून 26 जुलाई से 30 जुलाई तक आहूत किया गया है. इस सत्र में कुल 5 बैठकें होगी. सभी विधायकों को प्रेषित पत्र में विधान सभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने उल्लेख किया है कि- विगत सत्रों की भांति इस सत्र में भी कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए सभा-गृह एवं विधान सभा परिसर में समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है.
कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने महामारी से बचाव के लिए निर्धारित गाइडलाइन के पालन के साथ ही टीकाकरण को एक सशक्त माध्यम बताया है. उन्होंने जुलाई के मानसून सत्र, 2021 के पूर्व सभी विधायकों से टीकाकरण की प्रथम डोज शीघ्र लगवाने और जिन्हें प्रथम डोज लग चुकी है. उनसे द्वितीय डोज लगवाने का भी अनुरोध किया है.
तीसरी लहर की तैयारियों का दावा
छत्तीसगढ़ में तीसरी लहर को लेकर लगातार सरकार तैयारियों का दावा कर रही है. वहीं टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि टीकाकरण से बड़े खतरे से बचा जा सकता है. मानसून सत्र में संक्रमण के खतरे की आशंका के चलते यह चिट्ठी लिखी गई है. छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र भी इससे अछूता नहीं रहा था. बजट सत्र के दौरान ही जहां कांग्रेस विधायक अरुण वोरा कोरोना पॉजिटिव हुए. इसके ठीक एक दिन बाद जोगी कांग्रेस के विधायक देवव्रत सिंह भी संक्रमित पाए गए. इसके बाद मंत्री जयसिंह अग्रवाल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. उसी दिन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि वह कोरोना हो गए हैं.जोगी कांग्रेस के ही एक और विधायक प्रमोद शर्मा की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी.
