फसल विविधीकरण और माइनर मिलेट का रकबा बढ़ाने अभियान चलाएं
कृषि उत्पादन आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली
फरवरी माह के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के लिए निर्देश
रायपुर, 21 फरवरी 2022
कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आज महानदी मंत्रालय भवन में कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों से किसानों से लाभान्वित करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति फरवरी माह के अंत तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बीज निगम के प्रबंध संचालक श्री भुवनेश यादव, संचालक कृषि श्री यशवंत कुमार, संयुक्त सचिव श्री के.सी. पैकरा, अपर संचालक कृषि श्री एस.सी. पदम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी जिलों के उप संचालक कृषि उपस्थित थे।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने बैठक में राज्य के गौठान वाले गांवों में कृषि विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों प्रभावी ढंग से संचालित कर ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभान्वित करने एवं फसल प्रदर्शन का आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौठान वाले गांवों में कृषि की उन्नत तकनीक का क्रियान्वयन करने से इसका विस्तार आसपास के गांवों में आसानी से किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को गौठानों में कृषि एवं उससे सम्बद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। बैठक में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को दी जा रही इनपुट सब्सिडी का उल्लेख करते हुए उन्होंने अधिकारियों को राज्य में धान के बदले अन्य फसलों की खेती को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। राज्य में माइनर मिलेट मिशन को अभियान के रूप में संचालित करने के साथ ही दलहन-तिलहन की खेती को प्रमोट करने के निर्देश दिए गए।
बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त ने अधिकारियों को आगामी खरीफ में फसल परिवर्तन के अंतर्गत धान के बदले अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित हेतु ग्राम स्तर पर फरवरी एवं मार्च माह में खरीफ अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं गौठान को प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। कृषि उत्पादन आयुक्त ने फसल क्षेत्रच्छांदन को यूनिफाइड पोर्टल में इंद्रांज करने के भी निर्देश दिए।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि राज्य में ग्रीष्म कालीन फसलों की बुआई जारी है। किसान उड़द, मूंग, मक्का की फसल अधिक रकबे में लें, इसके लिए मैदानी अमले के माध्यम से प्रयास किया जाना चाहिए। राज्य में बेमौसम बारिश की वजह से फसलों को हुए नुकसान के दावा भुगतान के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को बीमा कम्पनियों से सम्पर्क एवं समन्वय कर दावा राशि का तत्परता से भुगतान किसानों को सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्यान्न मिशन, आत्मा, कृषि यंत्रीकरण प्रोत्साहन योजना, जैविक खेती मिशन, शाकम्भरी योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
