रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपाल से नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम से कराने की मांग की। भाजपा ने इसे कांग्रेस का षड्यंत्र करार दिया। सांसद सुनील सोनी ने राज्यपाल से कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में पार्षदों के जीतने का अंतर बहुत कम होता है और मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने पर काफी सारे मत अवैध घोषित हो जाते हैं। इसका चुनाव परिणामों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।
कई बार तो ऐसा होता है कि जीतने वाले प्रत्याशी का मतांतर अवैध घोषित मतपत्रों से काफी कम होता है। ऐसे समय चुनाव परिणाम की वैधता भी संदिग्धता की दायरे में आती है। स्वच्छ और स्पष्ट जनादेश प्राप्त करने में भी इसका प्रभाव पड़ता है। जबकि ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराने पर एक भी मत अवैध नहीं होते हैं। इससे स्वच्छ एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न् होती है।
पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि जहां एक ओर भारत वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार प्रदेश को वापस 20-25 वर्ष पीछे ले जा रही है। ईवीएम से चुनाव कराने पर जहां एक ओर समय, श्रम और खर्च की बचत होती है वहीं त्वरित चुनाव प्रक्रिया भी संपन्न् होती है।
वर्तमान सरकार जो स्वयं ईवीएम से चुनकर आयी है और दो उपचुनाव भी जीती है उसके द्वारा ऐसा निर्णय लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। कहीं न कहीं सरकार की मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने की मंशा पर संदेह होता है।
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने आग्रह किया कि वे निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया में राज्य सरकार को निर्देश करे कि सरकार नगरीय निकायों के चुनाव भी ईवीएम के माध्यम से ही संपन्न् कराएं। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, सच्चिादानंद उपासने, संजय श्रीवास्तव, राजीव कुमार अग्रवाल, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, नरेशचंद्र गुप्ता, रमाकांत मिश्रा, दीपक म्हस्के, सत्यम दुवा उपस्थित रहे।
