रायसीहोर. जिले की इछावर तहसील स्थित देवपुरा गांव के बाराखम्बा मंदिर (Barakhamba temple) में पड़वा को भगवान पशुपतिनाथ (Pashupatinath) की शिला पर इतना दूध (milk) चढ़ाया जाता है कि मंदिर के पीछे दूध का तालाब बन जाता है. हर साल दीपावली के दूसरे दिन पशुओं के अच्छे स्वास्थ की कामना के साथ यहां आसपास के गांवों से ही नहीं, दूसरे जिलों से भी लोग दूध चढ़ाने आते हैं. हजारों टन दूध चढ़ाया जाता है जिससे दूध की दो मोटी धाराएं बहती रहती हैं.
दूध का नहीं करते इस्तेमाल, सारा दूध चढ़ा देते हैं पशुपतिनाथ पर
किसान और आदिवासी अपने दुधारू पशुओं की अच्छी सेहत के लिए उनका एक दिन का पूरा दूध पशुपतिनाथ की शिला पर चढ़ाते हैं. इस दिन एक बूंद दूध का भी इस्तेमाल पशु मालिक नहीं करते हैं. सीहोर जिले की इछावर तहसील मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर देवपुरा गांव का बाराखम्बा मंदिर बहुत पुराना है. इस दौरान यहां एक बड़ा मेला लगता है.
दूध की दो मोटी धाराएं मंदिर के पीछे बना देती हैं तालाब
दूध की दो धाराएं लगातार बहती रहती हैं जिनसे मंदिर के पीछे दूध का एक तालाब बन जाता है. इसके पीछे मान्यता है कि दूध चढ़ाने से पशुओं के रक्षक भगवान पशुपतिनाथ दुधारू पशुओं में वर्ष भर कोई संक्रामक रोग नहीं होने देते हैं. इसलिए किसान और आदिवासी आज भी इस परम्परा का निर्वहन करते चले आ रहे हैं.
कलेक्टर ने किया सबसे पहले शिला पूजन, मंत्री आरिफ अकील भी पहुंचे
इस बार जिले के कलेक्टर अजय गुप्ता ने यहां सबसे पहले पशुपतिनाथ की शिला का पूजन किया. इस मौके पर प्रदेश के गैस राहत और जिला प्रभारी मंत्री आरिफ अकील भी पहुंचे और उन्होंने मेला स्थल पर सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया.
लगभग पूरा जिला प्रशासन इस मौके पर हजारों की संख्या में आई भीड़ को नियंत्रित करने यहां मौजूद रहता है. जिला प्रभारी मंत्री आरिफ अकील ने स्थानीय मीडिया से चर्चा में कहा कि ग्राम खेरी से मंदिर तक के उखड़े मार्ग का नया निर्माण बारिश के कारण शुरू नहीं किया जा सका, लेकिन अब शीघ्र शुरू किया जाएगा.
