रायपुर, 8 नवम्बर 2019
राज्य सरकार के नई औद्योगिक नीति 2019-24 में ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की परिकल्पना को पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत विकासखण्डों में उद्योग की स्थापना करने के लिए तीन श्रेणी में ब्याज अनुदान देने का प्रावधान किया गया है, जिसमें सामान्य श्रेणी उद्योग, प्राथमिकता श्रेणी उद्योग और उच्च प्राथमिकता श्रेणी के उद्योग शामिल किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2019 से 2024 तक प्रभावशील रहेगी। इस दौरान सामान्य श्रेणी के उद्योगों को 40 से 65 प्रतिशत तक अधिकतम राशि रूपए 40 लाख प्रतिवर्ष की दर से अधिकतम 8 वर्ष तक और प्राथमिकता श्रेणी के उद्योगों को 50 से 70 प्रतिशत तक अधिकतम राशि रूपए 50 लाख प्रतिवर्ष की दर से अधिकतम 10 वर्ष तक तथा उच्च प्राथमिकता श्रेणी के उद्योगों को 50 से 70 प्रतिशत अधिकतम राशि रूपए 55 लाख प्रतिवर्ष की दर से 11 वर्ष तक का ब्याज अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
इसी प्रकार कोर सेक्टर के मध्यम, वृहद्, मेगा, अल्ट्रा मेगा उद्योगों को ‘द’ श्रेणी के विकासखण्डों में उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 7 वर्ष तक 100 प्रतिशत तक विद्युत शुल्क छूट का प्रावधान किया गया है।
उद्योग नीति में मंडी शुल्क छूट नवीन सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद इकाईयों को पांच वर्ष तक अधिकतम रू. 2 करोड़ प्रतिवर्ष तक की छूट का प्रावधान किया गया है। राज्य में उत्पादित होने वाले हर्बल, वनौषधि तथा लघु वनोपज आधारित उद्योगों को उच्च प्राथमिकता के अंतर्गत अधिकतम ब्याज अनुदान, नेट जीएसटी प्रतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी छूट, विद्युत शुल्क छूट देने का प्रावधान किया गया है।
सरगुजा एवं बस्तर क्षेत्र में 20 एकड़ तक के निजी औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना को अनुमति देते हुए इस पर रूपए 4 करोड़ तक का अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों के विरूद्ध अनुदान के रूप में दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
