रायपुर। छत्तीसगढ़ में भी अयोध्या के फैसले के मद्देनजर पुलिस अलर्ट हो गई है। शुक्रवार शाम को पुलिस व्यवस्था की समीक्षा की गई और जिलों के एसपी को जरूरी होने पर अतिरिक्त बल का बंदोबस्त करने को कहा गया है, ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे। राजधानी होने की वजह से रायपुर जिले में अवकाश पर गए पुलिस कर्मियों को वापस बुलाया जा सकता है। शिक्षा संस्थान सुबह खुले मगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही एहतियातन छुट्टी दी जा रही है। निजी स्कूलों ने छुट्टी देना प्रारंभ कर दिया है।
जिला प्रशासन ने अयोध्या मामले में फैसले को देखते जिले की शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने निर्देश दिया है कि किसी भी सूरत में शराब दुकाने खुली नहीं रहनी चाहिए। इस दौरान किसी भी तरह हुड़दंग या उपद्रव न हो। लोग शांति से रहें इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है।
मुख्यमंत्री बघेल और उसेंडी ने की अफवाहों से दूर रहने की अपील
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले पर देने वाले फैसले के मद्देनजर प्रदेशवासियों से आपसी सद्भाव और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अफवाहों के साथ सोशल मीडिया फेक न्यूज से दूर रहने की बात कही। बघेल ने बलरामपुर से ही फोन पर मुख्य सचिव और डीजीपी से चर्चा कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस को 24 घंटे चौकन्ना रहने, इंटेलिजेंस को पुख्ता करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी लोगों से आग्रह किया है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें। हालांकि राज्य में शिक्षण संस्थान खुले हुए हैं।
फैसले को ध्यान में रखकर रायपुर पुलिस को अलर्ट किया गया है। शहर के संवेदनशील स्थानों के साथ ही मंदिर और मस्जिदों के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर रखने के लिए साइबर सेल की टीम को कहा गया है। पुलिस अफसरों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट अयोध्या विवाद पर शनिवार को अपना फैसला सुनाने वाला है। इसे ध्यान में रखकर पूरे शहर में बल तैनात किया गया है। थाने की पेट्रोलिंग टीम के साथ डॉयल 112, बाइक पेट्रोलिंग लगातार संवेदनशील इलाके में घूमेगी। पुलिस प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
सीसीटीवी कैमरे से निगरानी : शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे से भी अफसर दिन भर की गतिविधियों पर निगाह रखेंगे। सादी वर्दी में संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में जवानों को नजर रखने के लिए कहा गया है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित होने पर अमले को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। अफसरों ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रखे गए हैं।
