छत्तीसगढ़ में किसानों को बोनस के साथ धान खरीदी की अनुमति और सेंट्रल पूल में चावल जमा करने पर सियासत चरम पर है। विधायक मनोज मंडावी ने कहा कि केंद्र सरकार से मांग की है कि बीते वर्ष केंद्र सरकार ने 24 लाख मैट्रिक टन उसना चावल सेंट्रल पूल में जमा करने की अनुमति दी थी, इस साल भी अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार वादे के तहत 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर किसानों का धान खरीदी थी। इसके लिए आर्थिक भार उठाने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का धान खरीदने तैयार है, खरीदी के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। इसमें सरकार पर जरूर अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन हम हर स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि बीते साल की तुलना में इस वर्ष करीब 750 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। बीते वर्ष 2018-19 में भाजपा सरकार के दौरान केंद्र ने अनुमति दी थी, प्रदेश में सरकार बदल गई है तो नीति कैसे बदल सकती है, छत्तीसगढ़ में किसानों के साथ अन्याय कर रही है।
छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ अन्याय कर रही केंद्र सरकार : मनोज
