चिटफंड कंपनियों पर सख्ती के मूड में छत्तीसगढ़ सरकार

रायपुर। Chit Fund Companies छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनियों पर सरकार सख्ती के मूड में आ नजर आ रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में हुई कैबिनेट की बैठक(Chhattisgarh Cabinet Meeting) में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल(CM Bhupesh Baghel) और मंत्रियों के सामने पुलिस विभाग के अधिकारियों ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का विवरण पेश किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि चिटफंड में पैसा गंवाने वालों को कंपनी मालिक की संपत्ति कुर्क करके पैसा वापस किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि चिटफंड कंपनियों(Chit Fund Companies) के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही इन कंपनियों से धोखाधड़ी के शिकार लोगों की धन वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

राज्य में अनियमित वित्तीय (चिटफंड) कंपनियों के खिलाफ 403 प्रकरणों दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। बिलासपुर सिविल लाइन में दर्ज प्रकरण में दो लाख 80 हजार रुपए की राशि वापस कर दी गई है। मुख्यमंत्री बघेल द्वारा चिटफंड कंपनियों के प्रबंधकों और संचालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने और इन कंपनियों के एजेंटों और अभिकर्ताओं के खिलाफ दर्ज प्रकरणों की वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट में अनियमित वित्तीय (चिटफंड) कंपनियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को दर्ज प्ररकणों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

379 डायरेक्टरों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2015 से अक्टूबर 2019 तक दर्ज प्रकरणों में छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 एवं नियम 2005 के तहत 248, इनामी चिट और धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम 1978 के तहत 65 और भारतीय दंड विधान की धारा के तहत 90 प्रकरण शामिल हैं। इन दर्ज प्रकरणों में डारेक्टर के खिलाफ 379, पदाधिकारियों के खिलाफ 148 प्रकरण शामिल हैं। धन वापसी की प्रक्रिया में कुल 154 प्रकरणों में संपत्ति का चिन्हांकन किया गया है तथा इन प्रकरणों में कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।

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