नई दिल्ली. राज्यसभा (Rajya Sabha) में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) बहुमत से पारित हो गया है जिसमें पक्ष में 125 वोट और विपक्ष में 105 वोट पड़े. गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक चर्चा के लिए राज्यसभा में पेश करते हुए कहा कि भारत के मुसलमान देश के नागरिक थे, हैं और बने रहेंगे.
पाकिस्तान (Pakistan), बांग्लादेश (Bangladesh) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के गैर मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के प्रावधान वाले इस विधेयक को पेश करते हुए उच्च सदन में गृह मंत्री ने कहा कि इन तीनों देशों में अल्पसंख्यकों के पास समान अधिकार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इन देशों में अल्पसंख्यकों की आबादी कम से कम 20 फीसदी कम हुई है.
‘बिल के पीछे वोटबैंक की राजनीति नहीं’
अमित शाह ने कहा कि इन प्रवासियों के पास रोजगार और शिक्षा के अधिकार नहीं थे. गृह मंत्री ने इस विधेयक के पीछे वोटबैंक की राजनीति के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस संबंध में घोषणा की थी.
वहीं भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सलाह पर लाया गया था. साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष को राजनीतिक हितों के बजाय राष्ट्र के हित साधने की नसीहत दी और दावा किया कि तथा इससे पूर्वोत्तर की ‘‘सांस्कृतिक पहचान’’ को कोई खतरा नहीं पहुंचेगा.
कांग्रेस ने दी राजहठ त्यागने की सलाहवहीं राज्यसभा में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक (सीएबी) को ‘‘समानता के अधिकार’’ सहित संविधान के मूल ढांचे पर प्रहार बताते हुए इस बारे में सरकार को ‘‘राजहठ’’ त्यागने की सलाह दी. हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए सत्ता पक्ष ने इस विधेयक को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सलाह पर लाया गया एक कदम बताया और दावा किया कि इससे पूर्वोत्तर की ‘‘सांस्कृतिक पहचान’’ को कोई खतरा नहीं पहुंचेगा.
गुवाहाटी में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू
उधर नागरिकता (संशोधन) विधेयक को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच बिगड़ती कानून व्यवस्था को संभालने के लिए बुधवार को असम के गुवाहाटी में लगाये गये कर्फ्यू को अनिश्चिकाल के लिए बढ़ा दिया गया है.