बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 20 लोगों की मौत, चारों तरफ पानी ही पानी

नई दिल्ली: देशभर में मानसून ने पकड़ तेज कर ली है। कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश बन बरस रही है। मानसूनी बारिश की वजह असम बाढ़ की चपेट में है। प्रदेश के 23 जिले बाढ़ से प्रभावित है। असम में 9 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित है। अलग-अलग हादसों में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है।

एएसडीएमए ने बताया कि धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, उदलगुरी, दर्रांग, नालबारी, बारपेटा, बोंगाईगांव, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सलमारा, गोलपारा, कामरूप, मोरीगांव, होजई, नागांव, नागालोन, नौगांवा, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के 9 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।

असम का बारपेटा जिला बाढ़ से बूरी तरह प्रभावित हैं। इस जिले में 1.35 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। तो वहीं धेमाजी में करीब एक लाख और नालबारी में 96 हजार से अधिक जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित है। बीते 24 घंटे में एसडीआरएफ, जिला प्रशासन समेत तमाम एजेंसियों ने पांच जिलों में 9303 लोगों को बचाया है।

27 हजार से ज्यादा लोग शेल्टर होम में शिफ्ट

एएसडीएमए का कहना है कि बाढ़ की चपेट में 2071 गांव हैं और 68 हजार हेक्टेअर से अधिक फसल बर्बाद हो गई है। अथॉरिटी ने 12 जिलों में 193 रिलीफ कैंप और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर बनाए हैं। 27 हजार से ज्यादा लोगों को शेल्टर होम में रखा गया है। कई जगहों पर ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के निशान से उपर है।

असम में ब्रह्मपुत्र नदी में भी पानी लगाातर बढ़ रहा है जिसके कारण खतरे के निशान पर पहुंच गया है। राज्य सरकार की बढ़ती चिंता की वजह से गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनवाल और स्वास्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से बातचीत की और राज्य में हालात का जायजा लिया।

गृहमंत्री अमित शाह ने की सीएम से बात

गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि असम के मुख्यमंत्री सबार्नंद सोनवाल और हिमंत बिस्वा शर्मा से बातचीत की है। उनसे ब्रह्मपुत्र नदी और गुवाहाटी में भूस्खलन के बारे में जानकारी ली है। हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मोदी सरकार असम के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।

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