कहते हैं, प्रेम किसी भी वायरस से बड़ा होता है. वो महामारी को मात दे देगा. और ज़िंदा रहेगा. यही है मोहब्बत का मुस्तकबिल.
दूसरी बातों के भविष्य के विपरीत प्रेम का भविष्य मेटाफिज़िक्स के घेरे में रहेगा – सूक्ष्म और गूढ़.
“हम केवल भावनात्मक, आध्यात्मिक और आभासी स्तर पर प्रेम कर सकते हैं. अब प्रेम और सेक्स दो अलग बातें हैं.”
दिल्ली में रहने वाले प्रोफेशनल पप्स रॉय ख़ुद को लाइलाज विद्रोही बताते हैं. वे समलैंगिक हैं और कोरोना के बाद प्रेम के भविष्य पर बड़ी गहराई से बाते करते हैं.”प्यार है कहीं बाहर. बस हमें प्यार करने के पुराने तरीके भुला कर नए तरीके सीखने होंगे.”