प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर केवड़िया से साबरमती रिवरफ्रंट सी-प्लेन सेवा का उद्घाटन किया। यह देश की पहली सी-प्लेन सेवा है। सैलानियों के लिए यह सेवा अहमदाबाद से केवड़िया और केवड़िया से अहमदाबाद के बीच उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री ने सेवा की पहली उड़ान के जरिए केवड़िया से अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट तक का सफर किया। प्रधानमंत्री मोदी को लेकर सी-प्लेन ने दोपहर करीब एक बजे केवड़िया से उड़ान भरी और लगभग 1.40 बजे साबरमती रिवर फ्रंट पहुंच गया। केवड़िया से साबरमती के बीच की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने केवड़िया में एकता क्रूज का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने इस क्रूज पर सफर किया। उन्होंने इस क्रूज से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक की यात्रा की। प्रधानमंत्री मोदी 2017 गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सी-प्लेन की यात्रा करते दिखाई दिए थे। तब उन्होंने सी-प्लेन के जरिए साबरमती नदी से मेहसाणा जिले के धरोई बांध तक की यात्रा की थी।
जिस सी प्लेन सेवा को प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को हरी झंडी दिखाई है उसकी गिनती उनके ड्रीम प्रोजेक्ट में होती है। अब इसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जोड़ दिया गया है। बीते दिनों ही यह सी प्लेन मालदीव से कोच्चि पहुंचा था। इसकी शुरुआत केवड़िया से अहमदाबाद के बीच हुई है। पिछले कुछ दिनों से अहमदाबाद और केवड़िया में सी-प्लेन के लिए जेटी बनाने का काम किया जा रहा था।
एक तरफ का किराया है 1500 रुपये
केवड़िया से साबरमती के बीच शुरू हुई सी-प्लेन सेवा का एक तरफ का किराया 1500 रुपये रखा गया है। इसके जरिए 200 किमी का सफर महज 40 मिनट में पूरा हो जाएगा। वहीं सड़क मार्ग से इस दूरी को तय करने में चार घंटे का समय लगता है। सी-प्लेन पानी और जमीन पर लैंड कर सकता है। इसके लिए रनवे की जरूरत नहीं होती।
प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सिविल सेवा के प्रशिक्षुओं को समाज से जुड़ने की सलाह देते हुए कहा कि वह ऐसा करते हैं तो वही समाज उनकी शक्ति का सहारा बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी जो भी फैसला लें, वह देशहित में होना चाहिए और उससे देश की एकता और संप्रभुता मजबूत होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मंसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के भारतीय सिविल सेवा के 428 प्रशिक्षुओं से ‘आरंभ 2020’ कार्यक्रम के तहत संवाद कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, किसी सिविल सेवा अधिकारी के लिए सबसे पहले जरूरी है कि वह देश के सामान्य जन से निरंतर जुड़े रहे। जब आप लोगों से जुड़े रहेंगे तो लोकतंत्र में काम करना आसान हो जाएगा। समाज से कटिए मत, उससे जुड़िए। वह आपकी शक्ति का सहरा बनेगा।