पीरियड्स का सामना हर लड़की को करना पड़ता है. आमतौर पर पीरियड्स 5 से 6 दिनों तक होते हैं. इस दौरान महिलाएं पैड्स का इस्तेमाल करती हैं. पैड का इस्तेमाल करते समय क्या आपको कभी ख्याल आया है कि आप जिस पैड का इस्तेमाल करती हैं वह सुरक्षित है या नहीं. पीरियड्स के दौरान हम पैड का इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन इसके नुकसानों के बारे में नहीं जान पाते. ऐसे में आज हम आपको इसके नुकसानों के बारे में और इसे सही तरह से इस्तेमाल करने के बारे में बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं-
कैंसर का खतरा- पैड का इस्तेमाल करने से जननांग में कैंसर का खतरा होता है. जो महिलाएं हर महीने पैड का इस्तेमाल करती हैं उन्हें यह समस्या हो सकती है. यह समस्या उनके साथ होती है जो रसायन वाले पैड्स का इस्तेमाल करती हैं. पैड्स में मौजूद यह रसायन आसानी से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं
कीटनाशक का खतरा- सैनिटरी पैड में कॉटन का इस्तेमाल किया जाता है. फसलों को कीटों से दूर रखने के लिए उनपर कीटनाशकों का स्प्रे किया जाता है. और इसी रूई से पैड बनाए जाते हैं. ऐसे में इन पैड्स का इस्तेमाल करने से कीटनाशक रक्तप्रवाह के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं.
बांझपन का खतरा- पैड में रक्त की गंध को नियंत्रित करने के लिए डिओडोरेंट या न्यूट्रलाइजर मिलाए जाते हैं. सुगंधित पैड के साथ जोखिम यह है कि वे आपकी प्रजनन क्षमता पर गलत तरह से असर डालते हैं. इससे महिलाओं में वेजाइनल यीस्ट इंफेक्शन और अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है.
सैनिटरी पैड्स इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ख्याल
पीरियड्स के दौरान हमेशा ख्याल रखें कि आपका प्राइवेट पार्ट ड्राई रखें. साथ ही पैड को 5 से 6 घंटे बाद जरूर बदलें. संक्रमण को रोकने के लिए आपको अपने पीरियड्स के दौरान पर्याप्त पानी पीना चाहिए. अपने अंडरवियर को नियमित रूप से साफ करें.