गुजरात के मुख्यमंत्री (Gujarat CM) के तौर पर 59 साल के भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) आज सोमवार को दोपहर बाद 2:20 बजे शपथ लेंगे. पहली बार विधायक बने भपेंद्र पटेल अपने समर्थकों के बीच ‘दादा’ के नाम से बुलाए जाते हैं. सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा रखने वाले भूपेंद्र पटेल को रविवार को सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल का नेता चुन लिया गया था. बीजेपी के सूत्रों ने कहा कि उन्हें आज सोमवार अपराह्न 2:20 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी. माना जा रहा है कि उनके शपथ समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के कुछ सीनियर नेता भाग ले सकते हैं.
सोमवार के शपथ ग्रहण समारोह में केवल पटेल शपथ लेंगे और बाकी मंत्रियों को बाद में शपथ दिलाई जाएगी. एक राजनीतिक विश्लेषक के अनुसार राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री के लिए जिन नामों की अटकलें चल रही थी, उनमें कहीं भी एक बार के विधायक भूपेंद्र पटेल का नाम नहीं था. भूपेंद्र पटेल इससे पहले राज्य सरकार में मंत्री भी नहीं रहे, जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 साल पहले गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले कभी मंत्री नहीं रहे थे. मोदी को 7 अक्टूबर, 2001 मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी और वह राजकोट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल कर 24 फरवरी, 2002 को विधायक चुने गए थे.
बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि 182 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 112 विधायकों में से अधिकतर बैठक में उपस्थित थे. शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले विजय रूपाणी ने विधायक दल की बैठक में पटेल को नेता चुनने के लिए प्रस्ताव रखा था. बैठक के फौरन बाद पटेल ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ शाम में राजभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात की और अगली सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पत्र सौंपा जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया.
15 जुलाई 1962 को जन्मे पटेल को मृदुभाषी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने नगरपालिका स्तर के नेता से लेकर प्रदेश की राजनीति में शीर्ष पद तक का सफर तय किया है. पटेल 2017 के विधानसभा चुनाव में राज्य की घाटलोडिया सीट से पहली बार चुनाव लड़े थे और जीते थे. उन्होंने कांग्रेस के शशिकांत पटेल को एक लाख से अधिक वोटों से हराया था, जो उस चुनाव में जीत का सबसे बड़ा अंतर था.
भूपेंद्र पटेल पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के करीबी माने जाते हैं. आनंदीबेन 2012 में इसी सीट से चुनाव जीती थीं. पटेल को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री तथा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का करीबी माना जाता है. वह जिस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, वो गांधीनगर लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सांसद हैं.
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद पटेल ने संवाददाताओं से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा और शाह के आभारी हैं, जिन्होंने उन पर इतना भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि निवर्तमान मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल, सी आर पाटिल तथा अन्य नेताओं समेत गुजरात के नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है उसके लिए भी वह आभारी हैं.
पटेल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल का आशीर्वाद सदा उनके साथ है. उन्होंने कहा कि रूपाणी की सरकार ने बहुत अच्छा काम किया, जिससे विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सका. पटेल ने कहा, हम नए सिरे से योजना बनाएंगे और संगठन में चर्चा करेंगे, जिससे विकास कार्य को आगे ले जाया जा सके. गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सी आर पाटिल ने कहा कि जमीनी स्तर पर पटेल का कामकाज, सहकारिता क्षेत्र पर उनकी पकड़, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ाव और प्रशासनिक क्षमताएं जैसे गुणों के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है.