नई दिल्ली। निर्भया हत्याकांड के चारो दोषियों को फांसी देने का मामला अब सिर्फ एक कदम दूर है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास लगी दया याचिका अगर खारिज हो जाती है तो चारों को फांसी देने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा। हैदराबाद केस में आरोपियों के एनकाउंटर के बाद निर्भया मामले में भी दोषियों को फांसी देने की मांग ने जोर पकड़ लिया था। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक दोषी विनय शर्मा की दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास अंतिम निर्णय के लिए भेज दिया था। इस बीच अब मीडिया रिपोर्ट्स में जानकारी सामने आ रही है कि बक्सर सेंट्रल जेल में सजायाफ्ता कैदियों द्वाारा फांसी के फंदे तैयार किए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीन दिन पहले ही बक्सर के जेल अधीक्षक को 10 फांसी के फंदे तैयार करने का निर्देश मिला है। इसके बाद फांसी के फंदे तैयार किए जाने लगे हैं। हालांकि यह सामने नहीं आया है कि यह फांसी के फंदे किन कैदियों के लिए तैयार कराए जा रहे हैं। जेल अधीक्षक विजय कुमार अरोरा के अनुसार यह निर्देश केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति कोविंद को निर्भया केस के दोषी की दया याचिका को भेजने के बाद मिले हैं।
इस वजह से बक्सर जेल में तैयार हो रहे फंदे
बक्सर जेल की पहचान मजबूत फांसी के फंदे तैयार करने के लिए भी है। पूर्व में इसे मनीला रस्सी कहा जाता था। गौरतलब है कि बक्सर जेल से ही संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरु की फांसी का फंदा तैयार कर भेजा गया था। अफजल गुरु को 9 फरवरी 2013 में फांसी पर टांगा गया था। जिन कैदियों ने अफजल गुरु की फांसी का फंदा तैयार किया था उनमें से कुछ कैदी अब भी बक्सर जेल में ही अपनी सजा काट रहे हैं।
